Rajasthan: उदयपुर में आदमखोर हुआ तेंदुआ, वन विभाग ने तैनात किए 12 शूटर
Rajasthan Man Eating Leopard News: राजस्थान में उदयपुर के गोगुंदा इलाके में आदमखोर बन चुके तेंदुए का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक तेंदुए ने 7 लोगों को मौत के घाट उतार कर अपना निवाला बना लिया है।
गोगुंदा में आदमखोर हो चुके तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग से लेकर सेना तक के अधिकारियों को बुलाया जा चुका है लेकिन उसके बाद भी सफलता नहीं मिल पाई है। तेंदुए के बढ़ते कहर से इलाके के लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है।
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अब आदमखोर तेंदुए को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए एक ओर तो वन विभाग की ट्रैकूलाइज्ड टीम तैनात की गई है तो वहीं दूसरी ओर पुलिस और सेना के 12 शूटरों के अलग अलग लोकेशन पर बंदूकों के साथ तैनात किया गया है। पुलिस और सेना के जवान भी बंदूकों के साथ लगातार गश्त कर रहे है।

उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में लगातार सात लोगों को मौत के घाट उतारने वाले आदमखौर तेंदुए को शूट करने के लिए एक दर्जन शूटर को तैनात किया गया हैं। यह शूटर उन क्षेत्रों में तैनात हैं जहां पर तेंदुए ने अब तक हमला किया था।
इन शूटर में से दो शूटर का तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए दो पिंजरों के पास, अन्य दो पिंजरे लगाकर उसमें बिठा रखा हैं और यह शूटर 24 घंटे तैनात है ताकि किसी भी समय तेंदुए के पिंजरे में आने के दौरान उस तुंरत शूट किया जा सके।
इन हमलों के बाद राजस्थान वन्य जीव प्रभाग के प्रधान मुख्य संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय की ओर से तेंदुए को देखते ही गोरी मारने के आदेश जारी किए गए थे।
तेंदुए को शूट करने के लिए 1 अक्टूबर को दिनभर गोगुंदा के आस-पास जंगलों में सर्च चला, लेकिन वह नजर नहीं आया। वहीं दूसरी और बुधवार को अलसुबह से ही सर्च अभियान को शुरू कर दिया गया लेकिन अभी तक सभी के हाथ खाली हैं।
तेंदुए की तलाश के लिए 10 से ज्यादा टीमें तैनात की गई हैं। डीएफओ अजय चित्तौड़ा और डीएफओ मुकेश सेनी ने केलवों का खेड़ा और 1 किलोमीटर दूर राठौड़ों का गुड़ा में ग्रामीणों की बैठक ली थी।
डीएफओ ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा- वे सर्च ऑपरेशन पूरा होने तक घरों में रहें। अकेले बाहर नहीं निकलें। बच्चे और महिलाएं ग्रुप में ही बाहर निकलें। खेतों में अकेले काम करने और अकेले जंगलों में मवेशी चराने के लिए नहीं जाएं।
1 अक्टूबर की सुबह 8 बजे केलवों का खेड़ा गांव में तेंदुए ने हमला किया था। यहां कमला कुंवर अपने घर के आंगन में काम कर रही थी। तेंदुए ने हमला कर दिया था। कमला की चीख-पुकार सुनकर परिवार के दूसरे लोग बाहर भागे तो तेंदुए उसके शव को छोड़कर भाग गया।
तेंदुए ने जिस महिला का शिकार किया था, उसका शव उठाने के लिए 8 घंटे बाद सहमति बनी थी। महिला के घर के आस-पास 200 मीटर के एरिया में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी है।
लेपर्ड महिला को घर से 100 मीटर तक घसीटकर ले गया था। महिला का घर पहाड़ी पर है। उसके आसपास कोई घर नहीं है। घर के पीछे पशुओं का बाड़ा है। उसमें महिला काम रही थी। तभी लेपर्ड ने हमला कर दिया।
परिवार ने बताया कि महिला की गर्दन लेपर्ड के जबड़ों में थी। गले में गहरा घाव होने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। ऐसे में दो पिंजरें महिला के घर के आस-पास लगाए गए हैं। घर के आस-पास करीब 200 मीटर एरिया को सीज कर वहां किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। घर के पास में दो शूटर तैनात किए गए हैं।












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