Rajasthan News: उदयपुर के गोगुंदा में आदमखोर तेंदुए का आतंक, ग्रामीण घरों में हुए कैद, सर्च ऑपरेशन जारी
Rajasthan News: उदयपुर से 45 किलोमीटर दूर गोगुंदा ग्राम पंचायत के तीन गांव इन दिनों एक नरभक्षी तेंदुए के हमलों से दहशत में हैं। इस खतरनाक शिकारी ने अब तक तीन लोगों की जान ले ली है। जिससे ग्रामीणों में भारी डर और चिंता व्याप्त है। तेंदुए के डर से लोग अब सिर्फ जरुरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलते हैं। वह भी समूहों में ही जाते हैं।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग और सेना की एक संयुक्त टीम लगातार कोशिश कर रही है। 19 सितंबर की रात को नाइट विजन दूरबीन की मदद से तेंदुए का पता लगाने की कोशिश की गई। लेकिन सफलता नहीं मिली। इस मुश्किल ऑपरेशन के दौरान करीब 15 किलोमीटर के घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की तलाशी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उंडीथल, कडेचावास, भेवड़िया, छाली और बागदरा के आदिवासी बाहुल्य गांवों में लोग तेंदुए के खौफ में जी रहे हैं।

उंडीथल गांव में 16 वर्षीय कमला कपाया की दर्दनाक मौत से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। तेंदुए ने कमला पर उस वक्त हमला किया। जब वह अपनी बीमार मां के लिए बकरियाँ चराने गई थी। इसी तरह भेवड़िया गांव में 45 वर्षीय खुमाराम गमेती की तेंदुए के हमले में मौत हो गई। गांववालों ने वन विभाग पर शिकारी को पकड़ने के लिए ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया है। उमरिया गांव में भी एक महिला तेंदुए का शिकार बन गई। जब वह जंगल के किनारे चारा काट रही थी।
ग्रामीणों की बाहरी गतिविधियाँ लगभग ठप हो गई हैं। लोग वन विभाग से तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने या उसे किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं। वन विभाग यह जांच कर रहा है कि ये हमले एक ही तेंदुए के हैं या क्षेत्र में कई शिकारी सक्रिय हैं। पग मार्क्स और घटनाओं के आधार पर जांच की जा रही है कि क्या ये हमले नरभक्षी तेंदुए का काम हैं।
कैप्टन संदीप चौधरी के नेतृत्व में सेना का एक विशेष दल तेंदुए की खोज में जुटा हुआ है। वहीं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। ताकि आगे कोई और हादसा न हो। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह संयुक्त अभियान हर संभव प्रयास कर रहा है।












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