Rajasthan : BSF जवान भाई की चिता पर पहुंचकर बहन ने अस्थी कलश के बांधी राखी, भर आई सबकी आंखें
नागौर, 23 अगस्त। भाई बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन 22 अगस्त को देशभर में धूमधाम से मनाया गया है। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। वहीं, भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार किए।

अस्थी कलश को राखी बांधी
रक्षाबंधन पर हर किसी को झकझोर देने वाला राजस्थान के नागौर जिले में सामने आया है। यहां पर एक बहन ने बीएसएफ में जवान रहे भाई की चिता पर पहुंचकर उसके अस्थी कलश को राखी बांधी है।

कोई नहीं रोक पाया आंसू
नागौर जिले के गांव हरसौर के श्मशान में भाई के प्रति अपनी बहन का यह अटूट स्नेह देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंख भर आई। खुद की आंखों से भी आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

चिंरजीलाल बीएसएफ में हेड कांस्टेबल थे
दरअसल, गांव हरसौर चिंरजीलाल सीमा सुरक्षा बल में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। 15 अगस्त को हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हो गया। 17 अगस्त को राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया।

भाई थे छह साल बड़े
बहन लक्ष्मी ने बताया कि उनके भाई चिरंजीलाल उनसे छह साल बड़े थे। अंतिम बार उनको राखी साल 2017 में बांधी थी। पिछली साल राखी लिफाफे से भेज नहीं पाई तो उन्होंने काफी उलाहना दिया था। 13 अगस्त को जयपुर में मिलने आए तो तब बोले थे कि इस बार रक्षाबंधन पर गांव में ही रहूंगा।

शेखावाटी में शहीद प्रतिमाएं को बांधी राखी
रक्षाबंधन से पहले ही चिरंजीलाल का निधन हो गया। परंपरानुसार उनकी चिता को ठंडा करने के लिए चिपादुका रखी गई। 22 अगस्त को बहन लक्ष्मी ने उसी अस्थिफूल के कलश के राखी बांधी। इधर, शेखावाटी के गांव-गांव में शहीद प्रतिमाएं लगी हैं। रक्षाबंधन पर बहनों ने शहीद भाई की प्रतिमा को राखी बांधी।












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