SIKAR : 40 साल बाद राजपूत समाज से बेटा सरपंच बनते ही मां ने गांव को तोहफे में दी एम्बुलेंस
सीकर। राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 के प्रथम चरण में चुनकर आए कई सरपंच सुर्खियों में हैं। टोंक जिले के गांव नटवाड़ा की सरपंच नीता कंवर सोडा मूलरूप से पाकिस्तान की बेटी हैं तो सीकर के नीमकाथाना उपंखड में पुराना बास में 97 साल की विद्या देवी सरपंच चुनी गई हैं।

बेटे के सरपंच बनने पर खुश है मां
वहीं, राजस्थान के सीकर जिले के ही नीमकाथाना उपंखड की ग्राम पंचायत गांवड़ी के नवनिर्वाचित सरपंच की मां खबरों में है। वजह यह है बेटे के सरपंच बनने की खुशी में मां ने गांव को एम्बुलेंस भेंट करने की घोषणा की है।

नीमकाथाना से सात किमी दूर है गांवड़ी
बता दें कि राजस्थान सरपंच चुनाव 2020 के प्रथम चरण के तहत 17 जनवरी को नीमकाथाना से सात किलोमीटर दूर स्थित गांवड़ी के लोगों ने राजपूत समाज के शेरसिंह तंवर को सरपंच चुना। ग्रामीणों के अनुसार बीते चालीस साल में पहला मौका है जब गांव का सरपंच राजपूत से है।

बाबूलाल सैनी को 372 मतों से हराया
गांवड़ी में 17 जनवरी को मतदान हुआ। शेरसिंह तंवर ने बाबूलाल सैनी को 372 मतों से हराया। ग्रामीणों की मानें तो राजपूत समाज से बीते 40 साल से प्रत्याशी हारते आ रहे हैं। इस बार शेरसिंह की जीत से समाज में भी खुशी का माहौल है। सरपंच बनने के बाद शेरसिंह ने मां से आशीर्वाद लिया तब उन्होंने एम्बुलेंस की घोषणा की।

पति से पेंशन से देंगी एम्बुलेंस
धर्म कंवर ने बताया कि उनके पति रावत सिंह भारतीय सेना में सुबेदार थे। उनका निधन हो गया। मुझे अभी पेंशन मिल रही है। उस पेंशन की राशि से ही गांव को एक एम्बुलेंस भेंट कर रही हूं, जो 26 जनवरी को गांव के स्कूल में होने वाले कार्यक्रम में एम्बुलेंस भेंट की जाएगी। खास बात यह है कि मरीज को दूसरे शहरों के अस्पतालों में पहुंचाने का सारा खर्च भी धर्म कंवर का परिवार वहन करेगा।












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