कौन है आतंकियों का मददगार शौकत, जिसकी वजह से राजस्थान के इन 2 फौजियों को भी देनी पड़ी शहादत
Shoukat Ali Doda Encounter: जम्मू में आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसमें उन स्थानीय लोगों को भी दबोचा जा रहा है, जो आतंकियों के मददगार हैं। इसी कड़ी में शौकत अली को पकड़ा गया है।
शौकत अली पर आरोप है कि इसने जम्मू रीजन में उन आतंकियों की मदद की, जिनसे डोडा जिले के डेसा के जंगल में भारतीय सेना के जवानों की मुठभेड़ हुई थी।

15 जुलाई 2024 की रात को डोडा जिले में हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के कैप्टन ब्रजेश थापा और राजस्थान के झुंझुनूं जिले के अजय सिंह नरूका और बिजेंद्र सिंह दारौता व एक अन्य जवान को शहादत देनी पड़ी थी। 17 जुलाई को झुंझुनूं के गांव भैसावता कलां और डूमोली खुर्द में दोनों शहीदों का अंतिम संस्कार किया गया।
जम्मू रीजन के डोडा, कठुआ आदि लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बाद 24 आतंकियों की तलाश में भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के 7000 हजार जवान जंगलों में उतारे गए हैं, जो सघन सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, क्योंकि बीते 86 दिन में जम्मू रीजन में 10 आतंकी हमले हो चुके हैं। इनसे पहले जम्मू शांत हुआ करता था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सर्च ऑपरेशन के दौरान डोडा जिले के भल्लेसा के रहने वाले शौकत अली को पकड़ा गया है। इस पर डोडा आतंकी हमला करने वाले आतंकियों की मदद का आरोप है।
आरोप है कि शौकत अली का आतंकियों से कनेक्शन है। यह ओवरग्राउंड वर्कर है। आतंक की दुनिया में ओवरग्राउंड वर्कर उन लोगों को कहा जाता है, जो सामान्य नागरिक की तरह जीवन जीते हैं, मगर आतंकी संगठनों की मदद करते रहते हैं।
सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबरें हैं कि डोडा हमले से पहले शौकत ने तीन आतंकियों को अपने घर में पनाह दी थी। उनको खाना मुहैया करवाया था। वाईफाई से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आकाओं से बात करवाई थी।












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