Shamsher ali khan : झुंझुनूं में शहीद शमशेर अली खान को अंतिम विदाई, परिवार की चौथी पीढ़ी फौज में

झुंझुनूं। भारत-चीन सीमा पर देश की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर बेटे नायब सूबेदार शमेशर अली की पार्थिव देह शनिवार सुबह पैतृक गांव पहुंची । सूबेदार शमशेर अली खान राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी पुलिस थाना इलाके के गांव हुकुमपुरा के रहने वाले थे। 42 वर्षीय सूबेदार शमशेर अली खान तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचे तो उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पूरे शेखावाटी से लोग उमड़े। गांव में तिरंगा यात्रा निकाली गई। शहीद शमशेर अली जिंदाबाज के नारे भी लगाए गए।

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    Shamsher ali khan : झुंझुनूं में शहीद शमशेर अली खान को अंतिम विदाई, परिवार की चौथी पीढ़ी फौज में
    पांचवी पीढ़ी भी फौज में जाने को तैयार

    पांचवी पीढ़ी भी फौज में जाने को तैयार

    बता दें कि शमशेर अली खान के परिवार में भारतीय सेना ज्वाइन करने की परम्परा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। शमशेर अली चौथी के रूप के सदस्य के रूप में फौजी बने थे। इनसे पहले पड़दादा बागी खां, दादा फैज मोहम्मद और पिता सलीम अली भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। अब शहीद शमशेर अली के दो बेटे भी भारतीय सेना में जाने को तैयार हैं।

    दादा ने चटाई थी पाकिस्तान को धूल

    दादा ने चटाई थी पाकिस्तान को धूल

    झुंझुनूं के गांव हुकुमपुरा के शमशेर अली खान शहीद होने पर लोगों में उनके दादा की बहादुरी के भी चर्चे हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 में हुई जंग में शमेशर अली खान के दादा फैज मोहम्मद ने अदम्य साहस दिखाया था।

    18 हजार फीट की ऊंचाई पर हुए शहीद

    18 हजार फीट की ऊंचाई पर हुए शहीद

    झुंझुनूं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर परवेज हुसैन ने बताया कि शहीद सूबेदार शमशेर अली खान उदयपुरवाटी उपखंड के गुढ़ागौड़जी के समीप बामलास ग्राम पंचायत के हुकुमपुरा गांव के रहने वाले थे।

    भारत-चीन सीमा पर कर रहे थे पेट्रोलिंग

    भारत-चीन सीमा पर कर रहे थे पेट्रोलिंग

    शमशेर अली खान भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश के टेंगा में 24 ग्रेनेडियर यूनिट में तैनात थे। वे भारत-चीन सीमा पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। इस दौरान शमशेर पाइनिज पोस्ट पर शहीद हो गए। इस पोस्ट की ऊंचाई करीब 18 हजार फीट है।

     1997 में भर्ती हुए शमशेर अली खान

    1997 में भर्ती हुए शमशेर अली खान

    बता दें कि शमशेर अली खान 9 अप्रैल 1997 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई सेना भर्ती रैली में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 24 ग्रेनेडियर यूनिट में नायब सूबेदार के पद पर शमशेर अली खान इन दिनों अरुणाचल प्रदेश के टेंगा में तैनात थे।

     बेटे की शहादत पर नाज

    बेटे की शहादत पर नाज

    शहीद शमशेर अली के पिता रिटायर्ड नायब सूबेदार सलीम अली ने बताया कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। शहादत की सूचना पर पूरे गांव हुकुमपुरा शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी सलमा बानो व मां नथी बानो बेसुध हो गई।

     एक दिन पहले ही हुई थी पत्नी से बात

    एक दिन पहले ही हुई थी पत्नी से बात

    परिजनों के अनुसार शमशेर अली खान ने शहादत से एक दिन पहले ही पत्नी सलमा बानो से मोबाइल पर बात की थी। तब उन्होंने पत्नी को बताया था कि अगले ​दस दिन बाद उन्हें छुट्टी मिलने वाली है। तब वे घर आएंगे। शमशेर 16 वर्ष का बेटा आलमशेर, 12 वर्ष का बेटा गुलेशर और आठ साल की बेटी शाहीन है।

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