Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत या सोची-समझी हत्या? पिता ने खोला इंस्टाग्राम पोस्ट का गहरा राज

Sadhvi Prem Baisa: राजस्थान की मशहूर 23 वर्षीय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को उनके पिता और गुरु वीरमनाथ ने मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि एक 'गलत इंजेक्शन' के कारण हुई है।

पिता वीरमनाथ के अनुसार, 28 जनवरी की सुबह प्रेम बाईसा को गले में खराश और जुकाम की शिकायत थी। आगामी बड़े कार्यक्रमों (जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होने वाले थे) को देखते हुए इलाज के लिए कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया गया।

sadhvi prem baisa

पिता का आरोप है कि जैसे ही कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाया, मात्र 30 सेकंड के भीतर साध्वी की हालत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी और मुंह-नाक से कफ निकलने लगा। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

'गुरुजी, मुझे न्याय दिलाना'- साध्वी के अंतिम शब्द

दैनिक भास्कर से बातचीत में वीरमनाथ ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इंस्टाग्राम पर जो पोस्ट उनकी मौत के बाद वायरल हुई, वह उन्होंने खुद ही डलवाई थी। उन्होंने दावा किया कि प्रेम बाईसा ने मरते समय उनसे कहा था, गुरुजी, मुझे न्याय दिलाना।' पिता ने स्पष्ट किया कि यह मामला मारपीट का नहीं, बल्कि 'जहरीले इंजेक्शन' का है।

साजिश और बदनामी का आरोप

पिता ने बताया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की, उनका मोबाइल छीन लिया और गाड़ी में तोड़फोड़ की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साध्वी को पहले भी बदनाम करने की कोशिशें हुई थीं और सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो एडिटेड (छेड़छाड़ किए गए) थे। इस बारे में उन्होंने कई शंकराचार्यों और योग गुरुओं को लिखित शिकायत भी भेजी थी।

ट्रक ड्राइवर से संत बनने तक का सफर

वीरमनाथ ने भावुक होते हुए बताया कि वे पहले ट्रक ड्राइवर थे, लेकिन आध्यात्म की ओर झुकाव के कारण उन्होंने सब त्याग दिया। प्रेम बाईसा जब 5 साल की थीं, तब उनकी मां का निधन हो गया था। मां के संकल्प और आशीर्वाद से ही उन्होंने कम उम्र में भागवत कथा और 'नानी बाई का मायरो' जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए देशभर में पहचान बनाई।

आश्रम में दी गई समाधि

शुक्रवार को बालोतरा के परेऊ गांव स्थित आश्रम में संत परंपरा के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई। इस दौरान भारी संख्या में साधु-संत और उनके भक्त मौजूद रहे। पिता का कहना है कि वे मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर सच्चाई सामने लाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+