4 चार साल में शहीद हुए 2 सगे फौजी भाई , पहले रामपाल गुर्जर आतंकियों से लड़े, अब रतनलाल तिरंगे में लिपटकर आएंगे
Ratanlal Gujar jawan Sanwalpura Neemkathana sikar Rajasthan: शहीद रतनलाल गुर्जर राजस्थान में सीकर जिले के नीमकाथाना के गांव सांवलपुरा तंवरान के रहने वाले थे। चार साल पहले इनके बड़े भाई व रामपाल गुर्जर आतंकियों से लड़ते हुए शहीद थे। शुक्रवार को शहीद रतनलाल गुर्जर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजस्थान ने एक और बहादुर फौजी बेटा रतनलाल गुर्जर खो दिया। रतनलाल गुर्जर राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना के गांव सांवलपुरा के रहने वाले थे। शुक्रवार को इनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। खास बात यह है कि रतनलाल गुर्जर अपने परिवार से महज चार साल में ही बड़े भाई के बाद शहीद होने वाले दूसरे शख्स हैं।

बता दें कि 35 वर्षीय रतनलाल गुर्जर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 14वीं बटालियन में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में तैनात थे। वहां पर पेट्रोलिंग के दौरान तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को रतनलाल गुर्जर का निधन हो गया था। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को पैतृक गांव सांवलपुरा (सीकर) पहुंचेगी।
मीडिया से बातचीत में पंचायत समिति सदस्य कमांडो कैलाश गुर्जर ने बताया कि आईटीबीपी के अधिकारियों से बात हुई है। रतनलाल गुर्जर को शहीद दर्जा दिलवाया जाएगा। शहीद का दर्जा देने के कागजात मिलने पर पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। रतनलाल गुर्जर की पार्थिव देह देर रात तक नजदीक के कस्बे अजीतगढ़ पहुंचेगी। वहां से शुक्रवार सुबह पैतृक गांव तक तिरंगा रैली निकाली जाएगी।
कैलाश गुर्जर के अनुसार आईटीबीपी जवान रतनलाल गुर्जर चार भाइयों सबसे छोटे थे। रतन लाल गुर्जर की शादी साल 2014 में बलेश देवी से हुई थी। उसी साल रतनलाल ने आईटीबीपी ज्वाइन की थी। इनके तीन बच्चे हैं। बेटी रितिका (8), बेटा यश कुमार (5) और सबसे छोटी बेटी गुड्डी (2) है। रतनलाल के बड़े भाई रामपाल गुर्जर साल 2021 में राजपूत 3 बटालियन जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में तैनात थे। तब आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे।
उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'राष्ट्र सुरक्षा का कर्तव्य-निर्वहन करते हुए जाजरदेवल पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) में वीरगति को प्राप्त राजस्थान के बेटे, सीकर के श्रीमाधोपुर निवासी, 14th BN बटालियन ITBP के जवान श्री रतनलाल गुर्जर जी की शहादत का समाचार सुनकर मन अत्यंत दुखी है। प्रभु श्रीराम पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'
वहीं, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि रतन लाल आईटीबीपी में तैनात थे। शहीद का दर्जा आईटीबीपी तय करेगी। आईटीबीपी फौज में नहीं आती है। पार्थिव देह देर रात तक अजीतगढ़ पुलिस थाने में पहुंचेगी।
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