Rajasthan: आरएएस पेपर लीक का मामला, डॉक्टर किरोड़ी ने फिर किया सनसनीखेज खुलासा
Rajasthan RAS Paper Leak News: पेपर लीक के मामले में खुलासे करने को लेकर चर्चित डॉक्टर किरोड़ी लाल मीना ने एक बार फिर से आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 और 2021 को लेकर बड़ा खुलासा कर अधिकारियों की निंदे उड़ा दी है।
डॉक्टर किरोड़ी लाल मीना ने आज एक बार फिर RAS परीक्षा को लेकर बड़े सवाल उठाए है। यह सवाल 2018 और 2021 में हुई भर्ती को लेकर है। बाबा के नाम से अपनी पहचान बना चुके है किरोड़ी ने फिर से झोले से कागजों का पुलंदा निकाल कर हड़कंप मचा दिया है।
आरएएस भर्ती 2018 और 2021 में धांधली को लेकर किरोड़ी लाल मीणा नें सोमवार को मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल से मुलाकात कर शिकायत की है।

किरोड़ी लाल मीणा नें आरपीएससी के तत्कालीन अध्यक्षों पर मिलीभगत करके युवाओं को पेपर देने और परीक्षा में टॉप करवाने के गम्भीर आरोप लगाए हैं।
किरोड़ी के खुलासे से हड़कंप pic.twitter.com/UC5hXlvoWn
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) September 23, 2024
आरएएस भर्ती 2018 और 2021 में धांधली के आरोप के साथ कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अब आरपीएससी के तत्कालीन अध्यक्षों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
किरोड़ी मीणा ने इन अध्यक्षों की भूमिका पर मिलीभगत करने के आरोप के साथ शिकायत मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल को दी। मीणा ने RAS 2018 और RAS 2021 पेपर लीक को लेकर सबूत सौंपे और
कहा कि तीन मुख्य पूर्व अध्यक्ष दीपक उप्रेती, शिव सिंह राठौड़, संजय श्रोत्रिय शामिल है।
डॉक्टर किरोड़ी ने इनकी भूमिका को जांच CBI या फिर SOG से कराने की मांग की है साथ ही 2018 को RAS टॉपर की कापी लेकर डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने तत्कालीन अध्यक्ष दीपक उत्प्रेति पर संगीन आरोप लगाए है।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आरपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दीपक उप्रेती, शिव सिंह राठौड़, संजय श्रोत्रिय ने मिलीभगत करके ऐसे युवाओं को आरएएस में टॉप करवा दिया जो पास होने के लायक तक नहीं थे। ऐसे लोगों की सीबीआई से जांच होनी चाहिए।
किरोडी लाल मीणा ने शिकायत में कहा कि RAS 2018 की परीक्षा मामले में शिवसिंह राठौड़ की संदिग्ध पूर्ण भूमिका आर.ए.एस. 2018 की मुख्य परीक्षा 28, 29 जनवरी 2019 को सम्पन्न हुई उस समय आरपीएससी के चेयरमैन दीपक उत्प्रेती थे।
आरपीएससी चेयरमैन दीपक उत्प्रेती ने आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांचने का समन्वयक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिवसिंह राठौड़ को दी। मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर के बहृस्पति भवन के सभागार और विक्रमादित्य भवन में ऑनलाइन जांचने का काम शुरू किया, जहां पर उत्तर पुस्तिकाएं जांचते समय सीसीटीवी कैमरे सहित जो अन्य मापदंड पूरे नही किये गए।
किरोडी ने कहा कि आरएएस 2018 के परीणाम के बाद भी उत्तर पुस्तिकाओं में कई अभ्यर्थियों द्वारा छोडे गये (Unsolved Questions) प्रश्नों के उत्तर बाद में लिखवाये गये।
उदाहरण के तौर पर रोल नं. 804088 आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा के प्रथम प्रश्न पत्र में 30 अंक से अधिक प्रश्नों में N.A. (Not Attempt) लिखा हुआ था। अंकशीट पर इनके अंक शून्य दर्शाये गये, यानी अभ्यर्थी ने परीक्षा के दौरान कुछ प्रश्नों का जवाब/उत्तर ही नहीं लिखा, जिन्हें जांचने के दौरान परीक्षक ने N.A. (Not Attempt) लिखा हुआ था।
इसके बाद अभ्यर्थी ने तत्कालीन चैयरमेन शिवसिंह राठौड को लिखित में इसकी शिकायत कर अपनी काॅपी में छूटे हुए उत्तरों को दोबारा जांचने की मांग की, जिसे शिवसिंह राठौड ने मानकर काॅपी को दौबारा जंचवाया गया और ऐसे कई लोगों को आरएएस बनाया गया।












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