Rajasthan: बुजुर्गों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने दी फ्री तीर्थ की सौगात, फ्लाइट्स से ले जा रही दर्शन के लिए
Rajasthan Varishth Nagrik Tirth Yojana: आठ महीने की लंबी प्रतीक्षा, रोज फोन पर तारीख पूछने की बेचैनी और मन में छुपे अधूरे सपनों का बोझ। इन सबके बीच 11 दिसंबर का दिन उन बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा। देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना ने उन लोगों को ऐसी खुशी दी है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
जिन पैरों ने बरसों से सिर्फ घरेलू जिम्मेदारियों के रास्ते तय किए थे, वे पहली बार हवाई जहाज की सीढ़ियों तक पहुंचे। चेहरे पर चमक, आंखों में नमी और मन में श्रद्धा... मानो भगवान ने खुद उनकी झोली में यह खास पल डाल दिया हो। काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के लिए रवाना हुआ पहला जत्था सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन का वह अनमोल अवसर बन गया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

देवस्थान विभाग की बहुप्रतीक्षित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना इस बार और भी बड़े रूप में शुरू हो रही है। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बुजुर्गों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसे लेकर बुजुर्गों के चेहरों पर लंबे समय बाद फिर एक नई चमक लौट आई।
पशुपतिनाथ के लिए हवाई यात्रा की शुरुआत
राजस्थान सरकार ने इस वर्ष से तीर्थ यात्रा को और आसान बनाने के लिए हवाई मार्ग चुना है। 11 दिसंबर 2025 से काठमांडू के लिए फ्लाइटें रवाना होना शुरू हो गई हैं। योजना के तहत इस बार कुल 6 हजार वरिष्ठ नागरिक हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा करेंगे। पहले चरण के यात्री आज सुबह से ही यात्रा के लिए रवाना हुए।
यात्रियों के लिए खास व्यवस्था
देवस्थान विभाग ने पूरी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है। यात्रियों के दस्तावेज जांचने के बाद उन्हें जयपुर से दिल्ली ले जाया जाएगा। सुबह 7 बजे डीलक्स बसों से सभी यात्रियों को जयपुर से दिल्ली एयरपोर्ट भेजा जाता है। हर फ्लाइट में 38 यात्री भेजे जाते हैं। साथ में एक सरकारी कर्मचारी भी अटेंडेंट के रूप में रहता है, जो पूरी यात्रा में बुजुर्गों की मदद करता है।
14 दिसंबर को पहली खेप की वापसी
11 दिसंबर को उड़ान भरने वाले वरिष्ठ नागरिक 14 दिसंबर को जयपुर लौटेंगे। योजना का मकसद केवल धार्मिक यात्रा कराना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मान और सुविधा देना भी है। सरकार चाहती है कि किसी भी बुजुर्ग को सड़क या रेल यात्रा की थकान से न गुजरना पड़े।
6 हजार बुजुर्गों को दर्शन कराए जाएंगे
सरकार का लक्ष्य है कि इस बार कुल 6 हजार वरिष्ठ नागरिकों को पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएं। हवाई यात्रा होने से यह यात्रा पहले की तुलना में तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बन गई है।
आप भी करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
अगर आपके परिवार में दादी-दादा, नानी-नाना या कोई अन्य बुजुर्ग तीर्थ यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें पूरी तरह मुफ्त यात्रा का लाभ मिल सकता है। इसके लिए बस वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद लॉटरी सिस्टम के आधार पर नाम चयनित होते हैं और चुने गए बुजुर्ग बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकते हैं।












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