राजस्थान के सतीश की चीन में हत्या, शव भारत लाने में क्या आ रहीं दिक्कतें? विदेश मंत्रालय ने बताया सब कुछ
Satish Kumar Rajasthan Murder in China: राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल निवासी सतीश कुमार का चीन में मर्डर हो गया। अभी तक शव भारत नहीं लाया जा सका है। सतीश का शव कब तक घर लाया जा सकेगा? शव लाने में अभी किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है? इन सब सवालों के जवाब विदेश मंत्रालय ने दिए हैं।
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चीन की तरफ से भी यह कन्फर्म कर दिया गया है कि उनके वहां गुआंगजो शहर में कार्यरत भारतीय सतीश कुमार की हत्या हुई है। शव अभी मुर्दाघर में रखा हुआ है।

अधिकारी कहते हैं कि विदेश में मौत हो जाने पर किसी भी भारतीय का शव भारत लाने के लिए बाकायदा एक प्रक्रिया को फॉलो करना पड़ता है, जिसके तहत सबसे संबंधित देश कन्फर्म करता है कि उनके यहां भारत के किसी व्यक्ति की मौत हुई है या नहीं? भले ही वह सामान्य मौत हो या फिर कोई हादसा या हत्या।
चेतन सिंह राठौड़ अधिकृत
चीन ने सतीश कुमार की मौत की पुष्टि कर दी है। अब उसके शव की शिनाख्त करवाई जाएगी, जो या तो मरने वाले का कोई निकटतम संबंधी करें या परिवार की ओर से अधिकृत कोई अन्य शख्स। सतीश कुमार की हत्या के केस में वीजा संबंधी परेशानी के चलते उसके परिजन चीन नहीं जा रहे। ऐसे में सतीश के परिवार ने उसके शव की पहचान करने और शव को घर भेजने से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के लिए जालोर के ही रहने वाले चेतन सिंह राठौड़ को अधिकृत किया है।

अगले सप्ताह तक आएगा सतीश का शव
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि चीन ने अभी चेतन सिंह से सतीश कुमार के शव की शिनाख्त नहीं करवाई है। जल्द ही करवाएंगे। इसके बाद अन्य कागजी खानापूर्ति पूरी करने पड़ेगी। सतीश कुमार का केस हत्या से जुड़ा है। इसलिए इसमें चीन व भारत दोनों ही विशेष सावधानी बरत रहे हैं। अगले सप्ताह तक शव भारत लाया जा सकता है।

कौन था सतीश कुमार, कैसे हुई चीन में हत्या?
- चीन में मारा गया सतीश कुमार राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल में भागल मार्ग भीमजी बेरा निवासी नरसाराम माली का बेटा था।
- सतीश कुमार का जन्म 12 जून 1998 को हुआ था। वह दो साल पहले काम के सिलसिले में चीन के गुआंगजो शहर गया था।
- चीन पहुंचकर सतीश कुमार स्थानीय व्यापारी वाइजन के साथ मिलकर सस्ती दरों पर मोबाइल पार्ट्स खरीदकर भारत का काम शुरू किया था।
- कुछ समय बाद सतीश कुमार व वाइजन में विवाद हो गया तो सतीश उससे अलग होकर चीन के ही रहने वाले केविन का बिजनेस पार्टनर बन गया।
- परिजनों का आरोप है कि 21 जून 2024 को बिजनेस पार्टनर केविन ने सतीश का अपहरण कर लिया और परिजनों को वाट्सअप पर कॉल करके सतीश की जान के बदले एक करोड़ की फिरौती मांगी।
- परिजन सतीश की जान बचाने के लिए पैसों का इंतजाम करने में लगा हुआ था। इस बीच 26 जून को खबर मिली कि सतीश को छठी मंजिल से नीचे फेंककर मार दिया।
जालोर सांसद लुंबाराम चौधरी कर रहे प्रयास
वन इंडिया हिंदी बातचीत में जालोर से भाजपा सांसद लुंबाराम चौधरी ने बताया कि सतीश कुमार के परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी दी और उसका शव लाने की गुहार लगाई। सतीश कुमार का शव भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। विदेश मंत्रालय ने अब तक प्रक्रिया से अवगत भी करवाया है।












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