राजस्थान: पेड़ पर लटका मिला हनुमान मंदिर के संत रविनाथ का शव, भाजपा विधायक पर लगाए ये गंभीर आरोप
राजस्थान: पेड़ पर लटका मिला हनुमान मंदिर के संत रविनाथ का शव, भाजपा विधायक पर लगाए ये गंभीर आरोप
जालोर, 06 अगस्त: राजस्थान के जालोर में श्री बालाजी हनुमान मंदिर आश्रम के 60 वर्षीय संत रविनाथ ने गुरुवार 04 अगस्त को आत्महत्या कर ली। आत्महत्या जैसा कदम उन्होंने जमीन विवाद के चलते उठाया था। वहीं, इस घटना की सूचना मिलते ही जसवंतपुरा पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, लेकिन उसमें लिखी बातों का अभी खुलासा नहीं किया है। तो वहीं, संत रविनाथ को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भीनमाल के बीजेपी विधायक पूराराम चौधरी पर लोगों ने लगाया है।

वहीं, इस घटना को लेकर पुलिस की स्पेशल टीम जांच पड़ताल में जुट गई है। यह मामला जालोर जिले के जसवंतपुरा थाना क्षेत्र के सुंधा माता तलहटी के पास गौरक्ष श्री बालाजी हनुमान मंदिर का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संत रविनाथ महाराज का शव राजपुरा गांव में मंदिर के बाहर सड़क किनारे खड़े पेड़ पर लटकता हुआ था। शुक्रवार सुबह जब लोगों ने संत का शव पेड़ पर लटका हुआ देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा दिया था। इस दौरान पुलिस को संत के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था।
तो वहीं, संत द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर मिलते ही मौके पर साधु-संतों की भीड़ जुट गई। साधुओं ने पुलिस से सुसाइड नोट को सार्वजनिक कर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। साधुओं का कहना है कि जब तक पुलिस सुसाइड नोट सार्वजनिक कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती संत का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस संतों को मनाने का प्रयास कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संत के पास से मिले सुसाइड नोट में भीनमाल से भाजपा विधायक पूराराम चौधरी का जिक्र है। ऐसा कहा जा रहा है कि विधायक चौधरी और संत रविनाथ के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
इतना ही नहीं, भीनमाल से भाजपा विधायक पूराराम चौधरी पर परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। खबर के मुताबिक, ऐसा बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर विवाद है वो विधायक के रिश्तेदार के नाम पर है। आश्रम के पीछे भीनमाल विधायक पूराराम सहित कुछ लोगों की जमीन है, लेकिन रास्ता नहीं था। इस पर साधु के आश्रम में से रास्ता लेने को लेकर विवाद चल रहा था। तीन दिन पहले विधायक पूराराम ने अपने लोगों को आश्रम में खाई खोदने भेजा था। उन्होंने आश्रम के पास यह खाई खोद दी। इस विवाद के चलते साधु रविनाथ ने पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली।












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