Rajasthan: नए जिलों को मिलेगी नई पहचान, किसी का खीरमोहन फेमस तो कहीं लैला मजनूं की मजार
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने चुनावी साल 2023 में 19 नए जिलों व 3 संभाग बनाए जाने की घोषणा की है। जानिए नए जिलों की नई पहचान।

Rajasthan New District Map: हर जिले की किसी ना किसी वजह से एक खास पहचान होती है। यही बात राजस्थान के 19 नए जिलों पर लागू होगी। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में जिलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 50 करने का मास्टर स्ट्रोक खेला है।
19 नए जिलों की घोषणा के साथ ही राजस्थान का भूगोल व राजनीतिक समीकरण बदल गए। साथ ही नए जिलों के नक्शे और खास पहचान पर भी चर्चा होने लगी है। राजस्थान रंगीलो है। यहां की लोक कला, संस्कृति, गढ़, किले और महल समेत पर्यटन व खान-पान हर जिले व कस्बे खास पहचान रखते हैं।
जानिए राजस्थान के कुछ नए जिलों की नई पहचान
जिला अनूपगढ़
श्रीगंगानगर से टूटकर नया जिला बने अनूपगढ़ में सिंधु सभ्यता के अवशेष, विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी से जुड़े प्रमाण है। यहां लैला मजनूं की मजार भी है। इस पर मोहब्बत का मेला भरता है। देशभर से प्रेमी जोड़े पहुंचते हैं।
जिला फलोदी
जोधपुर से टूटकर नया जिला बने फलोदी में कुरजां डेरा डालते हैं। यहां सायबेरियन बर्ड खीचन भी आती है। फलोदी में दिल के झरोखे सी नक्काशीदार हवेलियां हैं।
जिला ब्यावर
अजमेर से अलग होकर नया जिला बना ब्यावर खनिज क्षेत्र के लिहाज से राजस्थान में विशेष महत्व रखता है। यहां की तिलपट्टी और गजक की खास पहचान है। ब्यावर के तिल के व्यंजनों की देशभर में डिमांड है।
जिला खैरथल
अलवर से टूटकर नया जिला बना खैरथल अरावली पर्वतमाला के उत्तरी छोर पर स्थित है। यहां तिजारा देहरा जैन मंदिर, सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी, तिजारा फोर्ट है। तेल इंडस्ट्री भी विशेष पहचान रखती है।
जिला सांचोर
जालोर जिले से टूटकर नया बना जिला सांचोर की पथमेड़ा गोशाला विश्व स्तर पर पहचान रखती है। यहां एशिया की सबसे बड़ी नंदी शाला भी है। हाडेचा में कीर्ति स्तंभ, प्राचीन फुल मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और शीलू में नर्मदेश्वर घाट विशेष पहचान रखते हैं।

जिला शाहपुरा
भीलवाड़ा जिले से अलग होकर नया जिला बने शाहपुरा में उद्योगों में कपास ओटाई, हस्तकला कपड़ा बुनाई और रंगाई खास है। इंटरनेशनल रामनिवास धाम, बारहठ परिवार को म्यूजियम, फड़ चित्रकारी, ढाई इंच के गुलाब जामुन, ज्योतिष के लिहाज के विशेष पहचान रखते हैं।
जिला डीग
भरतपुर जिले से अलग होकर बनने वाला डीग जिला महल के लिए फेमस है। यहां जलमहल है। डीग किला और जलमहल सूरजमल के महत्वपूर्ण निर्माण हैं। डीग इतिहास में जाट राजाओं के लिए सबसे पहली भूमि रही है। रियासत काल में डीग राजधानी हुआ करता था।
जिला सलूंबर
उदयपुर जिले से अलग होकर नया जिला बना सलूंबर का ऐतिहासिक महत्व है। महाराणा प्रताप निर्वाण स्थल सलूंबर में है। उनके महल, हाड़ी, रानी महल और जयसमंद झील भी खास पहचान रखते हैं।
जिला बालोतरा
जैन समाज के फेमस तीर्थ स्थल नाकोड़ा यहीं पर है। सनातनी तीर्थ खेड़ भी बालोतरा में है। बालोतरा बाड़मेर जिले से अलग होकर नया जिला बना है। ब्रह्मा जी का दूसरा बड़ा मंदिर ब्रह्मधाम, आसोतरा, माजीसा मंदिर। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बालोतरा खास पहचान रखता है। यहां पचपदरा में अत्याधुनिक रिफाइनरी भी है।
जिला नीमकाथाना
सीकर जिले से टूटकर नया जिला बने नीमकाथाना में देश का सबसे तांबा भंण्डार है। यहां लाईम स्टोन, आयरन, यूरेनियम, मार्बल डोलोमाईट, इमारती पत्थर प्रचुर मात्रा में है। नीमकाथाना क्षेत्र में करीब 450 खान हैं। यहां बड़ा स्टील प्लांट भी प्रस्तावित है।
जिला गंगापुर सिटी
सवाई माधोपुर से अलग होकर नया जिला बना गंगापुर सिटी की खीरमोहन मिठाई दुनियाभर में फेमस है। अंदाजा इस बात से लगा लो कि विशेष पहचान रखने के चलते खीरमोहन को गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर रखने के लिए नोटिफाई किया गया है।












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