VIDEO : 4 साल से विदेश में फंसा था युवक, लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए 51 लाख रुपए जुटाकर करवाई वतन वापसी
Churu News, चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के गांव राणासर के राकेश जांगिड़ की सकुशल वतन वापसी हुई है। राकेश करीब चार साल से सउदी अरब की जेल में बंद था। उसकी जेल से रिहाई और घर वापसी में सोशल मीडिया, युवाओं और समाज ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।

इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सउदी अरब में फंसे राकेश जांगिड़ के घर लौटने में 51 लाख रुपए खर्च हुए हैं, जो युवाओं और समाज ने जुटाए हैं, वो भी सोशल मीडिया पर राकेश के वापसी की मुहिम चलाकर। 26 जनवरी 2019 को केरल व दिल्ली के रास्ते होते राकेश जांगिड़ अपने घर राणासर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि राकेश के दो बच्चे हैं। उसने घर लौटकर जेल में बिताए दिनों के बारे में बताया तो हर किसी की रूह कांप उठी। यहां देखें VIDEO
सउदी अरब में ऐसे फंसा राकेश Rakesh Jangir
Ranasar Village of churu निवासी राकेश जांगिड़ चार साल पहले सउदी अरब कमाने गया था। वहां ट्रोला चलाने का काम करता था। अप्रेल 2015 में ट्रोला चलाते समय दुर्घटना हो गई, जिसमें सउदी अरब के तीन लोगों की मौत हो गई। इस जुर्म में राकेश को जेल में राकेश पर ब्लड मनी केस के तहत तीन लाख रियाल का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर उसे जेल में डाल दिया।

सम्पर्क टूटा तो बढ़ी चिंता
इधर, राजस्थान के गांव राणासर में राकेश के परिजनों की उससे बात नहीं हो पाने के कारण उनकी चिंता बढ़ने लगी। परिजनों ने काफी प्रयास किया, मगर छह सात माह बाद साथी कामगारों के जरिए पता चला कि राकेश को जेल में बंद कर दिया गया है। उसकी रिहाई के लिए 51 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। इधर, ये मामला मीडिया की सुर्खियां बनने पर चूरू के युवाओं और जांगिड़ ने तय किया वे राकेश की वापसी करवाएंगे।

व्हाट्सएप्प पर ग्रुप बना हेल्पिंग हीरो
राकेश के सउदी अरब में फंसा होने का पता लगने पर चूरू में आपणी पाठशाला की टीम, किरण चावला कपूर, निसार भारू, नरोत्तम जांगिड़ और जांगिड़ के युवाओं ने व्हाट्सएप्प पर हेल्पिंग हीरो नाम से ग्रुप बनाया। ग्रुप से कई लोग जुड़े। इसमें पूरे मामले का उल्लेख करते हुए चर्चा शुरू हुई। बात 51 लाख की मदद की आई तो देखते ही देखते लोग आर्थिक भी करने लगे। इस मामले में पहले तो राकेश की रिहाई के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए गए। फिर जनप्रतिनिधियों की भी मदद ली गई।

इन्होंने की लाखों की मदद
राकेश को जेल से छुड़वाने के लिए हेतमसर निवासी CHURU POLICE सिपाही Dharmveer Jakhar (धर्मवीर जाखड़) ने 10 लाख, रवि प्रकाश, परमेश्वर वाहिदपुरा, महावीर कटराथल, जोगेंद्र श्यामपुरा, जगदीश जांगिड़ ने 2-2 लाख रुपए का सहयोग किया। इसके अलावा करीब 150 से अधिक लोगों ने अपने स्तर पर आर्थिक सहयोग किया, जिससे 51 लाख रुपए जुटाए जा सके। ये पूरी राशि राकेश जांगिड़ के ही रिश्तेदार नाेरतन जाला के दुबई स्थित एकाउंट में विश्वास पर डाली गई। इस राशि को बाद में सऊदी में रह रहे राधेश्याम नामक व्यक्ति के एकाउंट में भेजा गया। वहां वकील के जरिये 25 जनवरी को राकेश की रिहाई हुई और वे 26 जनवरी को देश लौट आया।












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