Rajasthan Election: भाजपा छोड़कर आई साध्वी अनादि सरस्वती को कांग्रेस में मिलेगी यह बड़ी जिम्मेदारी
साध्वी अनादि सरस्वती अजमेर उत्तर से भाजपा की टिकट मांग रही थीं। टिकट नहीं मिलने पर भाजपा छोड़ कांग्रेस में आ गई और 10 नवंबर से चुनाव प्रचार करेंगीं।
Sadhvi Anadi Saraswati: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में अचानक भाजपा को झटका देकर कांग्रेस में शामिल होने वालीं साध्वी अनादि सरस्वती फिर सुर्खियों में है।
अब वजह ये है कि साध्वी अनादि सरस्वती कांग्रेस में आकर पहली संत प्रचारक बनने जा रही हैं। भाजपा में तो संत-महंत खूब हैं, मगर कांग्रेस में ये पहली हैं।

मीडिया से बातचीत में साध्वी अनादि सरस्वती ने बताया कि अभी तो नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई है। अब 10 नवंबर से पार्टी जो भी निर्देश देगी, वहीं से प्रचार अभियान की शुरुआत करूंगी।
दरअसल, बीते दिनों ही भाजपा छोड़कर आने वाली साध्वी अनादि सरस्वती को कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व का चेहरा होंगी। कांग्रेस में वे संत वर्ग की पहली प्रचारक होंगी।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में साध्वी अनादि सरस्वती को पार्टी पूरे प्रदेश में प्रचार की जिम्मेदारी सौंप सकती है। हालांकि पार्टी ने अभी तक स्टार प्रचारकों की कोई सूची जारी नहीं की है।
बता दें कि साध्वी अनादि सरस्वती अजमेर की रहने वाली है। इनकी उम्र 44 साल है। समाजशास्त्र से एमए की डिग्री प्राप्त करने वाली अनादि ने सात 2008 में प्रेमानंद सरस्वती से महानिर्वाण अखाड़े की पवित्र परंपरा के अनुसार दीक्षा ली थी।

स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई करने के बार अनादि ने साल 1995 में अध्यात्म की राह पकड़ ली थी और पतंजलि योगदर्शन, भगवद् गीता और वेदांत का भी ज्ञान लिया।
साध्वी अनादि सरस्वती अजमेर उत्तर सीट से भाजपा की टिकट मांग रही थीं, मगर भाजपा ने पूर्व शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी पर दांव लगाया। ऐसे में साध्वी ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली और फिर अशोक गहलोत सरकार की योजनाओं की जमकर तारीफ की।












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