राजस्थान उपचुनाव 2024: देवली-उनियारा व चौरासी में नहीं माने बागी, 23 को चौकाएंगे रिजल्ट
महाराष्ट्र-झारखंउ विधानसभा चुनाव 2024 के राजस्थान की सात सीटों पर विधानसभा उपचुनाव भी हो रहे हैं। नाम वापसी के बाद अब राजस्थान उपचुनाव में 84 प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा 12-12 उम्मीदवार चौरासी और देवल-उनियारा सीट पर हैं। यहां बागी खेल बिगाड़ सकते हैं।
बुधवार को छह सीटों से 15 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा खींवसर-दौसा में हैं तो सबसे कम छह प्रत्याशी सलूंबर में हैं। इनमें सबसे रोचक मुकाबला आदिवासी क्षेत्र चौरासी और देवली-उनियारा सीटों पर होने वाला है, क्योंकि यहां सबसे अधिक बागी नेता हैं।
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चारौसी सीट पर बीएपी एक तरफा जीत दर्ज करती आई है। इस बार उपचुनाव में बीएपी को उसी के बागी बदामी लाल चुनौती दे रहे हैं। वहीं, ऐसा ही सियासी संकट का सामना कांग्रेस को देवली-उनियारा उपचुनाव 2024 में करना पड़ रहा है। यहां कांग्रेस के बागी नरेश मीणा ने ताल ठोक रखी है।
राजस्थान उपचुनाव 2024 की सातों सीटों पर चौरासी में चतुष्कोणीय मुकाबला हो रहा है जबकि झुंझुनूं, सलूंबर, खींवसर व देवली-उनियारा में त्रिकोणीय मुकाबला है। रामगढ़ और सीट सीट पर भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। झुंझुनूं में निर्दलीय राजेंद्र गुढ़ा अमित ओला व राजेंद्र भांबू का खेल बिगाड़ सकते हैं।
हनुमान बेनीवाल के नागौर सांसद बनने से खाली हुई खींवसर सीट पर आरएलपी के कनिका बेनीवाल व भाजपा के रेवंतराम डांगा और कांग्रेस की डॉ. रतन चौधरी के बीच मुकाबला है। कनिका हनुमान बेनीवाल की पत्नी हैं। इनके अलावा नौ अन्य उम्मीदपवार भी मैदान में हैं।
अलवर जिले की रामगढ़ सीट पर कांग्रेस के दिवंगत विधायक जुबैर खां के बेटे आर्यन खान को मुकाबला भाजपा के सुखवंत सिंह से है। सुखवंत सिंह ने पिछला चुनाव भाजपा से बगावत करके आसपा से लड़ा था।












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