Rajasthan Budget 2026 Khatu Shyam: तीर्थ स्थलों पर मेहरबान हुईं वित्त मंत्री, खाटू श्याम का होगा काया कल्प
Rajasthan Budget 2026 Khatu Shyam: राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए हैं। विरासत संरक्षण की दिशा में भी सरकार अहम कदम उठाएगी। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि खाटू श्यामजी, पुष्कर, देशनोक, डिग्गी और मंडावा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक मॉडल सड़कें बनाई जाएंगी। इन मार्गों का सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
सरकार ने होली और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट, आरती आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी बजट का प्रावधान किया है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

Khatu Shyam Beautification: खाटू श्याम का होगा सौंदर्यीकरण
राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल खाटू श्याम में आसपास के राज्यों से लाखों की संख्या में तीर्थ यात्री पहुंचते हैं। खाटू श्याम मंदिर के सौंदर्यीकरण के अलावा पार्किंग और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत इस वर्ष 6,000 बुजुर्गों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (काठमांडू) सहित अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। वहीं 50,000 वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से देशभर के धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुविधाजनक तीर्थ यात्रा उपलब्ध कराना है।
Rajasthan Budget 2026: जैसलमेर बनेगा अल्ट्रा लक्ज़री पर्यटन हब
- बजट में पर्यटन पर काफी जोर दिया गया है। पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए जैसलमेर के खुरी क्षेत्र में अल्ट्रा लक्ज़री विशेष पर्यटन जोन (STZ) विकसित किया जाएगा।
- कुलधरा में आधुनिक सुविधा केंद्र स्थापित होगा, जहां पर्यटकों को सूचना, गाइड और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
- जैसलमेर, बीकानेर, जालोर, जोधपुर और बाड़मेर को जोड़ते हुए 'थार सांस्कृतिक सर्किट' बनाया जाएगा, जिससे रेगिस्तानी पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। झुंझुनूं में वॉर म्यूज़ियम की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया है।
Rajasthan Budget: शेखावाटी हवेलियों का होगा संरक्षण
शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत झुंझुनूं, सीकर और चूरू की 660 से अधिक ऐतिहासिक हवेलियों का फसाड सुधार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इच्छुक मालिकों को इन्हें पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। सरकार शेखावाटी की हवेलियों को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास भी करेगी। साथ ही राज्य की प्राचीन बावड़ियों के पुनरुद्धार की योजना बनाई गई है। इन योजनाओं से राजस्थान में धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को नई गति मिलेगी और प्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत होकर उभरेगा।












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