Lok Sabha Election: पश्चिमी राजस्थान में रविंद्र भाटी और मानवेंद्र सिंह जसोल का क्या है सियासी प्लान....?
Rajasthan Political Tweets: लोकसभा चुनावों को लेकर एक ओर भाजपा तो दूसरी ओर कांग्रेस अगर कोई खाना बचता हुआ नजर आता है तो आरएलपी, बाप, आप जैसी पार्टियां अपनी सियासी जमीन तलाश कर पैर जमाने की कोशिश कर रही है।
राजस्थान में भी इन दिनों यहीं कुछ चल रहा है। कोई नेता कांग्रेस से भाजपा का दामन थाम रहा है। तो भाजपा के कांग्रेस का दामन थाम कर अपनी सियासी डोर मजबूत करने की कोशिश कर रहे है।

लेकिन राजस्थान की सियासत का गढ़ माना जाने वाला पश्चिमी राजस्थान लोकसभा चुनावों में नई बिसात लिखने को तैयार हो रहा है।
इसी पश्चिमी राजस्थान के दो धुरंधर नेताओं की इन दिनों जबरदस्त चर्चाएं हो रही है। एक तो बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और दूसरे दिग्गज नेता मानवेंद्र सिंह जसोल की।
इन दोनों ही नेताओं को लेकर लगातार भाजपा आलाकमान से लेकर कांग्रेस के गलियारों में जबरदस्त खिंचड़ी पक रही है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या रविंद्र सिंह भाटी लोकसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे ? और मानवेंद्र सिंह जसोल की क्या भाजपा घरवापसी होगी।
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर पश्चिमी राजस्थान में हर दिन नए समीकरण चुनाव को और रोचक बनाते जा रहे हैं। पिछले मंगलवार तक शिव के विधायक रविंद्र सिंह भाटी को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उनसे लगातार संवाद कर रहे थे।
लेकिन सोशल मीडिया पर हैंडपंप को लेकर वायरल हुए प्रशासनिक लेटर के बाद अब रविंद्र सिंह के समर्थक उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए सोशल मीडिया पर अपील करते नजर आ रहे हैं।
वहीं शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी बिते दिनों बताया था कि जनता की राय के मुताबिक ही वह फैसला लेंगे। अब बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से रविंद्र सिंह भाटी चुनाव लड़ते हैं तो वहां बीजेपी के कैलाश चौधरी की जीत राह मुश्किल होने की सम्भावना है।
वहीं कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्कासित सिवान में विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुनील परिहार को वापस कांग्रेस ज्वाइन करवाने पर अब लगता है कि मानवेंद्र सिंह जसोल बीजेपी का दामन थाम लेंगे।
क्योंकि कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले सुनील परिहार के कारण मानवेंद्र सिंह जसोल विधानसभा में तीसरे नंबर पर रहे थे। लेकिन जिस तरह से कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव के बाद सुनील परिहार को निष्कासित किया था।
अब वापस लेने के साथ ही मानवेंद्र सिंह जसोल ने अपने सोशल मीडिया एक हैंडल पर लिखा कि निष्कासन के बाद 6 वर्ष की अवधि काफी जल्दी बीत गई।
निष्कासन के बाद छः वर्ष की अवधि काफी जल्दी बीत गई! pic.twitter.com/P2hfrdasfQ
— Manvendra Singh (@ManvendraJasol) March 22, 2024
मानवेंद्र सिंह जसोल के द्वारा सोशल मीडिया पर अपने विचार लिखने के साथ ही अब यह चर्चा जोरों पर है कि मानवेंद्र सिंह जसोल कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दमन थाम लेंगे।
मंगलवार को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ भी कांग्रेसी नेता मानवेंद्र सिंह जसोल की 10 मिनट के लिए निजी होटल में मुलाकात हुई थी। उससे पहले भी दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के नेता मानवेंद्र सिंह जसोल से मिलने पहुंचे थे।
लोकसभा 2024 का चुनाव में हर दिन कुछ नया देखने को मिल रहा है। फिलहाल आने वाले 1 से 2 दिन में स्थितियां साफ हो जाएगी की क्या रविंद्र सिंह भाटी निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे? और मानवेंद्र सिंह जसोल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाएंगे?












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