राजस्थान में ममता बनर्जी के बयान पर हो गया सियासी पारा हाई, पूर्व मंत्री प्रभूलाल सैनी ने यूं किया पलटवार
Rajasthan News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोर्ट का फैसला मानने से इन्कार करने पर अब राजस्थान में भी भाजपा हमलावर हो गई है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभूलाल सैनी ने जमकर पलटवार किया है।
राजस्थान भाजपा के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रभूलाल सैनी ने ममता बनर्जी के बयान पर कड़ी निंदा की। प्रभूलाल सैनी ने इस मामले में कांग्रेस, ममता बनर्जी और इंडी एलायंस पर तुष्टीकरण करके पूरे देश और लोकतंत्र को छिन्न भिन्न करने का काम करने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल में कोलकाता हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 के बाद जारी सभी ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द करने के आदेश दिए और कहा कि ये सर्टिफिकेट किसी भी सरकारी भर्ती में काम नहीं लिए जा सकेंगे। हालांकि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस फैसले का मानने से इनकार कर दिया।
इधर ममता बनर्जी के इस रवैये को लेकर राजस्थान में प्रदेश भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर जमकर पलटवार किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रभूलाल सैनी ने ममता बनर्जी के कोर्ट फैसला नहीं मानने पर कड़ी भर्त्सना की।
उन्होंने कहा कि बंगाल हाईकोर्ट के फैसले बाद उनकी प्रतिक्रिया इंगित करती है कि इंडि एलायंस और सीएम ममता बनर्जी की न्यायिक निर्णयों के प्रति आस्था नहीं है। ममता बनर्जी का सार्वजनिक रूप से कहना कि मैं कोर्ट के निर्णय को नहीं मानती हूं, सीधे सीधे न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है।
सैनी ने कहा कि कोर्ट ने माना है कि अब तक पांच लाख से ज्यादा ओबीसी सर्टिफिकेट जारी हुए यह फैसला पूर्ण रूप से राजनीतिक भावना से तत्कालीन सरकार द्वारा लिया गया है। यह निर्णय सरकार का जाति समुदाय विशेष के लोगों को वोटों के लिए प्रलोभन के लिए लिया गया।
ऐतिहासिक फैसला जिसमें कोर्ट ने लिखा है ओबीसी आयोग बना है आदेश जारी कर दिए गए हों राजनीतिक षड्यंत्र हुए हैं छुपाकर तथ्य सामने नहीं रखे गए। यदि सही मंशा थी तो 42 वर्गों का सर्वे हुआ तो 41 एक ही जाति समुदाय विशेष के थे मात्र एक वर्ग हिंदू को शामिल किया गया।
सैनी ने ममता सरकार और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे कल्पना की जा सकती है कि कितनी पारदर्शी सरकार है, यह लोकतंत्र में विश्वास करने लायक है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार जहां पर सबको विश्वास में लेकर कई प्रकार निर्णय होते हैं । जनहित याचिका में फैसला लिया लेकिन पीएम मोदी ने पहले ही कहा था कि तुष्टीकरण की राजनीति नहीं होने देंगे, इस पर अब न्यायालय की मोहर लगी है।
कोर्ट ने भी माना है ओबीसी के आरक्षण के बारे में भारत सरकार प्रयासरत रही है। 2017 दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रोहिणी ने आयोग बनाया और ध्यान में रखने का काम किया। भाजपा की सरकार ओबीसी किसी भी जाति धर्म के पात्रता रखते हैं आरक्षण की पात्रता मेगं जोड़ने का काम किया।
पानी-बिजली की समस्या को लेकर एक सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि राजस्थान की भजनलाल सरकार लोगों की पानी बिजली और अन्य समस्याओं के निराकरण के प्रयास में लगी हुई है।
भजन लाल सरकार में एडवाइजरी जारी कर बिजली पानी के कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर उन्हें पाबंद किया गया है। साथ कहा गया है कि रात में बिजली कटौती नहीं होगी ।












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