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Rajasthan News: पाकिस्तान से आए शिकारी पैंथर को जैसलमेर में वन विभाग ने जब यूं किया कैद....देखिए

Rajasthan News: पाकिस्तान की हर नापाक करतूत पर हिंदुस्तान मूहंतोड़ जवाब देता आया है और पाकिस्तान को चारों खाने चित करता हुआ आया है। आज एक बार फिर पाकिस्तान से आए एक शिकारी को हिंदुस्तानी अफसरों ने पिंजरे में कैद कर लिया।

दरअसल बिते दिन पाकिस्तान से बार्डर पार कर एक पैंथर बकरी का शिकार करते हुए भारत-पाक सीमा से राजस्थान में पहुंच गया। जैसे ही खबर अधिकारियों तक पहुंची तो शिकारी पैंथर को कैद करने में चंद घंटे भी नहीं लगे।

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जैसलमेर से लगती भारत-पाक सीमा पर वन्य जीव विभाग की टीम ने पाकिस्तान से आए एक पैंथर को शुक्रवार को रेस्क्यू कर लिया। पकड़ा गया नर पैंथर 4 साल का है।

जोधपुर से आई वन्य जीव विभाग की टीम ने नाले में छिपे पैंथर को ट्रॅक्युलाइज कर पिंजरे में डाला। अब पैंथर को जोधपुर ले जाया जाएगा जहां से उसे अरावली की पहाड़ियों में छोड़ दिया जाएगा।

4 महीने पहले भी सरहद पार कर आ चुका है पैंथर

दरअसल यह पैंथर राजस्थान के किसी अभ्यारण से नहीं बल्कि सरहद पार से आया था। पैंथर जहां पकड़ा गया है उससे महज 12 किलोमीटर दूर ही भारत-पाकिस्तान की सीमा है।

पैंथर 4 महीने पहले सरहद पार कर टावरीवाला- जाजूवाला इलाके में आ चुका है और बकरियों का शिकार कर वापस भी लौट गया था। लेकिन गुरुवार को फिर बकरी का शिकार करने आए इस पैंथर के पंजो के निशान देख सूचना वन विभाग को दी गई। जिस पर जोधपुर से आई वन्य जीव विभाग की टीम ने आखिरकार इस पैंथर को पकड़ लिया।

क्षेत्रीय वन्य जीव अधिकारी लखपत सिंह भाटी ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को सूचना मिली थी कि भारत-पाक सरहद के पास 12 किमी अंदर जालुवाला और टावरीवाला इलाके की कमलेश विश्नोई की ढाणी में किसी जंगली जानवर ने बकरी का शिकार किया है।

जिस पर हमारी टीम मौके पर पहुँची और पंजे के निशान देखे। पंजों के निशान पैंथर के होने पर हमने जोधपुर वन्य जीव विभाग से रेस्क्यू टीम को बुलाया। शुक्रवार सुबह से हमने पंजों के निशान के आधार पर पैंथर की तलाश शुरू की। काफी देर तलाशने के बाद इंदिरा गांधी नहर के बनाए पुराने नाले के अंदर पैंथर के पंजों के निशान जाते नजर आए।

करीब 300 मीटर लंबे नाले पर पत्थर की पट्टिया आदि हटाते हटाते एक जगह बकरी के अवशेष भी नजर आए। हमें विश्वास हो गया पैंथर यही कही है। काफी देर बाद पैंथर को हमने ट्रेंक्युलाइज कर उसे नाले से बाहर निकाला और पिंजरे में बंद किया। अब पैंथर को जोधपुर ले जाया जाएगा जहां से उसे अरावली की पहाड़ियों में छोड़ दिया जाएगा।

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