राजस्थान में कैंसर अस्पताल ने क्यों रोका MLA मनोज न्यांगली की मां का इलाज? सामने आई चौंकाने वाली वजह
Manoj Nyangli MLA Sadulpur Churu: राजस्थान की राजधनी जयपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चूरू जिले के सादुलपुर से विधायक मनोज कुमार न्यांगली की कैंसर पीड़ित मां प्रेम कंवर को इलाज से वंचित कर दिया गया। जयपुर स्थित महावीर कैंसर अस्पताल ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत बकाया भुगतान लंबित होने का हवाला देते हुए इलाज करने से इनकार कर दिया।
सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली ने इस मुद्दे पर राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पत्र लिखकर नाराज़गी जताई है। विधायक न्यांगली ने पत्र में लिखा कि पिछले 8-10 महीनों से उनकी मां का इलाज महावीर कैंसर अस्पताल जयपुर में चल रहा था, लेकिन मंगलवार को जब वे उन्हें लेकर पहुंचे, तो अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए।

विधायक मनोज सिंह न्यांगली ने पत्र में यह भी कहा कि "अगर एक विधायक की मां को इलाज नहीं मिल पा रहा, तो आम नागरिकों की हालत का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। "
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बताया जा रहा है कि महावीर कैंसर अस्पताल जयपुर में उस समय 200 से अधिक मरीज मौजूद थे, जो इलाज और दवाओं के लिए इंतजार कर रहे थे। अस्पताल ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार की ओर से आरजीएचएस और 'मां योजना' के तहत बकाया भुगतान नहीं होता, तब तक इलाज संभव नहीं है।
कौन हैं विधायक मनोज सिंह न्यांगली?
मनोज सिंह न्यांगली राजस्थान के एक प्रमुख राजनेता हैं, जो चूरू जिले के सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से की थी। साल 2013 में सादुलपुर से विधायक चुने गए। हालांकि, राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के चुनावों में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कृष्णा पूनिया से हार का सामना करना पड़ा।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सादुलपुर से मनोज न्यांगली ने बसपा के उम्मीदवार के रूप में फिर से जीत हासिल की। अप्रैल 2024 में न्यांगली बसपा छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए। मनोज न्यांगली सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट और ट्विटर हैंडल के माध्यम से जनता से जुड़े रहते हैं।
राजस्थान सरकार की RGHS योजना क्या है?
1. किसके लिए है ये योजना?
- राजस्थान सरकार के वर्तमान कर्मचारी
- सेवानिवृत्त कर्मचारी (पेंशनर)
- उनके आश्रित परिवार सदस्य
2. क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
- सरकारी और पैनल पर शामिल निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज
- ओपीडी (Outpatient Department) सेवाएं
- इनपेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन (IPD) यानी अस्पताल में भर्ती होने की सुविधा
- डायग्नोस्टिक टेस्ट, सर्जरी, दवाएं आदि
3. कार्ड की आवश्यकता
योजना का लाभ उठाने के लिए RGHS कार्ड बनवाना होता है। यह कार्ड हर पात्र लाभार्थी को दिया जाता है।
4. कौन-कौन से अस्पताल इस योजना के तहत आते हैं?
- राज्य के सभी सरकारी अस्पताल
- RGHS से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल (empanelled hospitals)
5. भुगतान व्यवस्था
सरकार इन अस्पतालों को इलाज के बाद भुगतान करती है। परंतु जैसे इस खबर में देखा गया, अगर समय पर भुगतान नहीं हो पाए तो निजी अस्पताल इलाज देने से इनकार कर सकते हैं।












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