VIDEO : राजस्थान के बॉर्डर इलाके Jaisalmer में बढ़ गए 'पागल', ये पाक जासूस हैं या कोई और?
Jaisalmer News गणपत दहिया/जैसलमेर। उलझे गंदे बाल। नंगे पांव और मैले-कुचैले कपड़े पहने कोई खुद से ही बातें करता रहता है। कोई कुछ देख लेता है तो बस एकटक देखे ही जाता है और कोई गुमशुम सा अपने में ही खोया रहता है। इनके हाव-भाव देख कर ही समझ आ जाता है कि ये मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। इन पागलों को दुनियादारी से कोई मतलब नहीं, मगर इनकी संख्या अति संवदेनशील जगहों पर अचानक बढ़ने लगे तो सुरक्षा के लिहाज से चिंता लाजिमी है। ऐसा इन दिनों राजस्थान के जैसलमेर में देखने को मिल रहा है।

14 को पुलवामा हमला और 26 को एयर स्ट्राइक
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा हमला और फिर 26 फरवरी को पीओके में एयर स्ट्राइक के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन है। दोनों देशों की सरहदों पर हाई अलर्ट है। भारत-पाकिस्तान के 29 सौ किलोमीटर लम्बे इंटरनेशनल बॉर्डर में से 1037 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान से लगता हुआ है। राजस्थान के श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर व बीकानेर जिले पाक सीमा पर स्थित है।
यह भी पढ़ें: राजस्थान बॉर्डर पर पकड़ा गया संदिग्ध, 5 मोबाइल और 14 सिम इस काम में कर रहा था इस्तेमाल

पाक जासूस निकली थी पागल जूली
भारत-पाक के तनावपूर्ण माहौल के बीच जैसलमेर में पागलों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय है। शहर में अनेक जगहों पर ऐसे संदिग्ध पागल लोग बेरोक-टोक व बेखौफ होकर घूमते देखे जाते हैं। ये कौन हैं। कहां से आए हैं। कहां रहते हैं। इन सारों सवालों के जवाब कोई नहीं जानता। इनसे खतरे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दस साल पहले एक जूली नाम की मानसिक रूप से विमंदित महिला को पकड़ा गया था, जो जांच में पाक जासूस निकली थी।

Jaisalmer रेलवे स्टेशन के पास सबसे ज्यादा
जूली के अलावा भी जैसलमेर में ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं, जिनमें वेशभूषा बदलकर लोगों को सामरिक महत्व की जगहों की जासूसी करते पकड़ा जा चुका है। जैसलमेर में इन पागलों का सबसे अधिक जमावड़ा रेलवे स्टेशन के आस-पास है। लगते भले ही ये पागल और भिखारी जैसे हों, मगर कई को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते भी देखा जा सकता है।

जैसलमेर पुलिस भी हाई अलर्ट पर
इस मामले में जैसलमेर एसपी डॉ. किरण कंग का कहना है कि इस समय जो हालात बने हुए हैं, उनकी वजह से सरहदी जिला जैसलमेर हाई अलर्ट पर है। पुलिस, भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल और सुरक्षा एजेंसियों के साथ हम समन्वय से काम कर रहे हैं। रात को होटल-ढाबों की चैकिंग करवा रहे हैं। समय-समय पर नाकाबंदी भी करवाई जा रही है। पागल और भिखारियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, जो भी संदिग्ध लग रहा है उसकी जांच करवा रहे हैं।

Rajasthan Border के लोग काफी जागरूक
बता दें कि जैसलमेर के लोग काफी जागरूक हैं। किसी भी व्यक्ति की भारतीय सेना को लेकर संदिग्ध भूमिका नजर आने पर तुरंत सूचना दे देते हैं। हाल ही जैसलमेर में ऐसे तीन संदिग्ध लोगों को पकड़ा जा चुका है, जो भारतीय सेना के काफिले की वीडियोग्राफी कर रहे थे। इनके अलावा तीन दिन पहले जैसलमेर आ रही रोडवेज में सवार एक यात्री बार-बार बस रुकवा रहा था। उसी बस में सवार एक पूर्व सैनिक को उस पर शक होने पर जैसलमेर की लाठी पुलिस को सूचना देकर उसे पकड़वाया गया। बाद में पता चला कि उसके पास 5 मोबाइल व 11 सिम कार्ड थे। उसने जैसलमेर के मदरसे से चंदा एकत्रित करने के लिए यूपी से आना बताया था।

Indian Army की लोकेशन भी पूछी
(AIR STRIKE) एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में भारत को लेकर खौफ है। वह सामरिक महत्वपूर्ण की सूचनाएं जुटाने में किसी भी हद तक जा सकता है। भारतीय वायुसेना द्वारा एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर की सोमासर ग्राम पंचायत सरपंच के पति राकेश बिश्नोई के पास 13 डिजिट के नम्बरों से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने उससे भारतीय सेना की लोकेशन व अन्य जानकारी चाही थी, जो उन्होंने नहीं दी।












Click it and Unblock the Notifications