Rajasthan Chanav: मिलिए कांग्रेस वाली 'वसुंधरा' से, जब इन्हें भरी सभा में समझ लिया गया पूर्व CM राजे
Sikrai Assembly Seat in Rakasthan Election: राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया की हमशक्ल कही जाने वालीं ममता भूपेश अशोक गहलोत सरकार में मंत्री है। साल 2023 के चुनाव में सिकराय से कांग्रेस उम्मीदवार है।
Mamta Bhupesh vs Vasundhara Raje: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया झालावाड़ जिले की झालरापाटन सीट से मैदान में हैं। इस बार के चुनाव में भी वसुंधरा राजे के हमशक्ल भी मैदान है। नाम है ममता भूपेश।
दरअसल, दलित परिवार से ताल्लुक रखने वालीं ममता भूपेश कांग्रेस की जानी-मानी महिला नेता हैं। अशोक गहलोत सरकार में मंत्री महिला एवं बाल कल्याण विभाग की में मंत्री भी हैं। लोग इन्हें भाजपा की दिग्गत नेता व राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की कार्बन कॉपी भी कहते हैं।

राजस्थान की राजनीति में कद और उम्र के लिहाज से वसुंधरा राजे सिंधिया भले ही ममता भूपेश काफी बड़ी हो, मगर दोनों की शक्ल काफी मिलती-जुलती है। पहनावा भी ऐसा ही रहता है दोनों का। शायद यही वजह है कि ममता भूपेश को 'कांग्रेस वाली वसुंधरा राजे' कहा जाता है।
ममता भूपेश की जीवनी
- झुंझुनूं जिले के गांव इस्लामपुर में अमीचंद भूपेश व सरस्वती भूपेश के घर 28 जून 1973 को ममता भूपेश का जन्म हुआ।
- ममता भूपेश ने जयपुर के महारानी कॉलेज से बीए की डिग्री ली व तमिलनाडु के विनायका मिशन विवि सलेम से वर्ष 2014 में एमबीए किया।
- 12 दिसम्बर 1994 को दौसा के डॉ. घनश्याम बैरवा से ममता भूपेश की शादी हुई। इनके एक बेटा व एक बेटी है।

ममता भूपेश राजनीतिक जीवन
- ममता भूपेश राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में दौसा जिले की सिकराय से चुनाव लड़ रही है। इनके सामने भाजपा विक्रम बंशीवाल को मैदान में उतारा है।
- ममता भूपेश अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव हैं। सिकराय से कांग्रेस की पहली विधायक बनी, जिनको मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
- ममता भूपेश ने कॉलेज लाइफ में राजनीति में कदम रख दिया था। 1992 से लेकर 1994 तक NSUI की प्रदेश सचिव रहीं।
- 1995 से लेकर 2000 तक युवक कांग्रेस प्रदेश महासचिव का जिम्मा संभाला। 2000 से 2005 तक प्रदेश कांग्रेस सचिव और 2011 से 2014 तक महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव रही।
- ममता भूपेश सिकराय से साल 2008 और 2018 में विधायक बने चुकी हैं। साल 2013 सिकराय से एनपीपी की गीता जीती थीं।

जब समझ लिया वसुंधरा राजे
ममता भूपेश को वसुंधरा राजे कहा जाने का एक उदाहरण उस वक्त भी सामने इन्हें राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। तब जयपुर के राजभवन में संविधान पार्क के उद्घाटन समारोह के दौरान देखने को मिला। जब कैबिनेट मंत्री के रूप में ममता भूपेश समारोह में पहुंचीं तो समारोह का संचालनकर्ता ने दूर से ममता भूपेश को वसुंधरा राजे समझ लिया। उसने अनाउंस करते हुए कहा कि 'हमारे बीच भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी है। जिनका अभिनंदन करते हैं।' बाद में जब वहां मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए तो अनाउंसर को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने गलती सुधारते हुए कहा कि मुझे दूर से ऐसा लगा कि जैसे वसुंधरा राजे आई हैं।












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