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Mewar Family Tree: महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद मेवाड़ के खानदान में कौन-कौन? अब अगला उत्तराधिकारी कौन होगा?

Arvind Singh Mewar Udaipur Royal Family Tree : उदयपुर के पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के मुखिया और विश्व पटल पर भारतीय राजघराने के सबसे चर्चित चेहरों में से एक अरविंद सिंह मेवाड़ का 16 मार्च 2025 को निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। अरविंद सिंह मेवाड़ महाराणा प्रताप के वंशज थे।

'हाउस ऑफ मेवाड़' के 76वें संरक्षक अरविंद सिंह मेवाड़ बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उदयपुर को वैश्विक पहचान दिलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। अरविंद सिंह का अंतिम संस्कार 17 मार्च को दयपुर में पूरे पारंपरिक सम्मान के साथ किया जा रहा है। उनके परिवार में पत्नी विजयराज कुमारी, बेटा लक्ष्यराज और बेटियां भार्गवी कुमारी मेवाड़ और पद्मजा कुमारी परमार हैं।

arvind singh mewar family tree

महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ के पिता भगवत सिंह मेवाड़ और माता सुशीला कुमारी मेवाड़ थे। भगवत सिंह मेवाड़ ने 5 मई 1984 को अपनी वसीयत में संपत्तियों का एग्जीक्यूटर छोटे बेटे अरविंद सिंह को बनाया था। बड़े बेटे महेंद्र सिंह मेवाड़ के खिलाफत से नाराज होकर पिता ने अपना उत्तराधिकारी छोटे बेटे को बनाया था। अरविंद सिंह मेवाड़ के बड़े भाई महेंद्र सिंह मेवाड़ का निधन का निधन 10 नवंबर 2024 को हुआ था।

महाराणा प्रताप के वंशज होने की वजह से उनके राजघराने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। हर कोई मेवाड़ राजपरिवार के बारे में जानना चाहता है। तो चलिए जानते हैं अरविंद सिंह मेवाड़ के पूर्वजों और आने वाली पीढ़ियों के बारे में?

Udaipur Royal Family Tree: मेवाड़ पूर्व राजपिरवार के सदस्य

Udaipur Royal Family Tree

🔴 महाराणा उदय सिंह द्वितीय (महाराणा) (1540 से 1572)

महाराणा उदय सिंह द्वितीय मेवाड़ के एक महाराणा और उदयपुर शहर के संस्थापक थे। ये मेवाड़ साम्राज्य के 53वें शासक थे। इन्होंने 1540 से 1572 तक राज किया। उदय सिंह मेवाड़ के शासक राणा सांगा (संग्रामसिंह) के चौथे पुत्र थे। इनकी मां बूंदी की रानी, कर्णावती थी।

🔴 महाराणा प्रताप सिंह (1572-1597)

महाराणा प्रताप सिंह उदयपुर, मेवाड़ राजवंश के राजा थे। पिता महाराणा उदय सिंह के निधन के बाद इन्होंने गद्दी संभाली थी। महाराणा प्रताप की माता का नाम जयवंता बाई थी, वो पाली के सोनगरा अखैराज की बेटी थी। महाराणा प्रताप सिंह को इनकी वीरता और शौर्य के लिए जाना जाता है। इन्होंने मुगल बादशहा अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की थी।

महाराणा प्रताप सिंह के बाद 19 महाराणा बने

🔴 भूपाल सिंह (1930 से 1955)

महाराजाधिराज महाराणा भूपाल सिंह 1930 से उदयपुर महाराणा थे। इतना ही नहीं भूपाल सिंह 1948 से 4 जुलाई 1955 तक राजस्थान के राजप्रमुख भी थे। जुलाई 1921 में मेवाड़ में कुछ सामाजिक अशांति के बाद भूपाल सिंह के पिता महाराणा फतेह सिंह को औपचारिक रूप से हटा दिया गया था। उसके बाद प्रभावी शक्ति उनके बेटे भूपाल सिंह को दी गई थी। इनकी पत्नी का नाम वीरद कुंवर था।

1947 में भारत की आजादी के बाद भूपाल सिंह भारत के नए डोमिनियन में प्रवेश के साधन पर हस्ताक्षर करने वाले भारतीय राजकुमारों में शामिल थे।

🔴 भगवत सिंह (1955-1971)

भागवत सिंह मेवाड़, भूपाल सिंह के गोद लिए हुए बेटे थे। भागवत सिंह मेवाड़, मेवाड़ के अंतिम शासक थे। इन्होंने 1955-1971 तक शासन किया था। 1971 में भारत सरकार ने राजशाही व्यवस्था को खत्म कर दिया था।

भागवत सिंह मेवाड़ 1969 में सर्वसम्मति से विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष बने थे। भागवत सिंह मेवाड़ की पत्नी महारानी सुशीला कुमारी थी। महारानी सुशीला कुमारी बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह की पोती थीं।

भगवत सिंह मेवाड़ के दो पुत्र और एक पुत्री थी। बड़ा बेटा महाराणा महेंद्र सिंह, महाराजा अरविंज सिंह मेवाड़ और बेटी योगेश्वरी कुमारी थी।

🔴 मेहंद्र सिंह मेवाड़ और अरविंद सिंह मेवाड़

1984 में अपने पिता भागवत सिंह मेवाड़ की मृत्यु के बाद अरविंद सिंह मेवाड़ ने घर का नेतृत्व संभाला। उसी समय बड़े बेटे होने के नाते महेंद्र सिंह मेवाड़ को परिवार के नाममात्र के मुखिया के रूप में ताज पहनाया गया था। असल में पूर्व महाराणा भगवत सिंह 1963 से लेकर 1983 तक राजपरिवार की कई प्रॉपर्टी को लीज पर दे दिया था। पिता के इस फैसले के खिलाफ बड़े बेटे महेंद्र सिंह मेवाड़ सूट (केस) फाइल किया था और संपत्ति को दोनों बेटों में बराबर बांटने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि रूल ऑफ प्रोइमोजेनीचर प्रथा को छोड़कर पैतृक संपत्तियों को बेटों में बराबर बांटा जाए।

भगवत सिंह ने अपने बड़े बेटे की खिलाफत से नाराज थे। उन्होंने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि ये अविभाज्य संपत्ति है। इसके बाद भगवत सिंह ने 15 मई 1984 अपनी वसीयत में संपत्तियों का एग्जीक्यूटर छोटे बेटे अरविंद सिंह मेवाड़ को बनाया।

महेंद्र सिंह मेवाड़ का पिछले नवंबर 2024 में निधन हो गया और उनके बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़, जो भाजपा के विधायक भी हैं, को परिवार का नाममात्र का मुखिया बनाया गया।

विश्वराज सिंह को उनके चचेरे भाई और अरविंद सिंह मेवाड़ के बेटे लक्ष्यराज सिंह ने उदयपुर के सिटी पैलेस में अनुष्ठान पूरा करने के लिए प्रवेश नहीं करने दिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

कौन होगा मेवाड़ राजघराने का अब अगला उत्तराधिकारी?

फिलहाल इसकी कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है। संभावना है कि अरविंद सिंह मेवाड़ के बेटे लक्ष्यराज सिंह अब उत्तराधिकारी बनेंगे। हालांकि दावेदारी महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ भी कर सकते हैं। लेकिन उनके पिता को ही जब उनके दादा भगवत सिंह ने संपत्ति से बेदखल कर दिया था तो ऐसे में उनकी संभावना कम लगती है।

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