किरोड़ी लाल मीणा ने समरवाता के माहौल शांत करने के लिए संभाला मोर्चा, प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों पर किया हमला
Rajasthan News: टोंक जिले के समरवाता गांव में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। विधानसभा उपचुनाव के दौरान सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को थप्पड़ मारने की घटना के बाद नरेश मीणा की गिरफ्तारी हुई। जिसके बाद से इलाके में भारी हिंसा जारी है।
नरेश मीणा के समर्थकों ने अलीगढ़ हाईवे पर जमकर बवाल किया और स्थिति उस समय और गंभीर हो गई। जब प्रदर्शनकारियों ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के पत्रकारों पर हमला कर उनके उपकरणों को तोड़ दिया। दोनों घायल पत्रकारों को इलाज के लिए सवाई माधोपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

समरवाता गांव प्रदर्शनकारियों का मुख्य केंद्र बन गया है। जहां नरेश मीणा के समर्थक पुलिस पर पथराव कर रहे हैं। वाहनों को आग के हवाले कर रहे हैं और मुख्य राजमार्गों को बाधित कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार नरेश मीणा के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। हालात को संभालने के लिए राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल को शांत करने का प्रयास किया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है और प्रशासन से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रण में रखने की दिशा में कदम उठाए हैं।
इस बीच राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने अपने सहयोगी पर हमले के विरोध में कलम बंद हड़ताल की घोषणा की है। नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने अपना फैसला टाल दिया है। इस मामले को लेकर राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सीएम भजन लाल शर्मा से मुलाकात करेंगे।
किरोड़ी लाल मीणा की पहल ने तनाव को कम करने की दिशा में एक नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जनता से शांति की अपील करते हुए कहा कि मैंने समरवाता गांव मामले में पुलिस महानिदेशक और टोंक जिला कलेक्टर से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया है। मैं आप सभी से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं।
हालांकि प्रशासन और पुलिस के प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के नेतृत्व में पुलिस ने राजमार्गों को खाली कराने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। जिसमें आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
बागी कांग्रेस नेता नरेश मीणा की गिरफ्तारी ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि किरोड़ी लाल मीणा के शांति प्रयास क्या क्षेत्र में स्थिरता और सुलह को बढ़ावा दे सकेंगे या नहीं।












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