Khatu Shyam Temple : 85 दिन बाद खुला खाटू मंदिर, 3 महिलाओं की मौत के बाद बदल गईं ये व्यवस्थाएं
खाटूश्यामजी फाल्गुन लक्खी मेला 2023 इस बार 22 फरवरी से शुरू हो गया है। मेले से पहले 6 फरवरी से खाटू श्याम जी मंदिर के कपाट भी खोल दिए गए हैं। 85 दिन पहले भगदड़ में तीन महिलाओं की मौत हो जाने के बाद से कपाट बंद थे।

Khatu Shyam Mandir Open Time : बाबा श्याम के दर्शनों को आतुर भक्तों का इंतजार खत्म हो गया है। खाटूश्यामजी मंदिर के कपाट 6 फरवरी 2023 से आमजन के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं, जो पिछले 85 दिन से बंद पड़े थे। खाटू मंदिर के कपाट खुलने की सूचना पर श्याम भक्तों में उल्लास छा गया और हर कोई बाबा श्याम के दरबार धोक लगाने के लिए आने का प्लान बनाने में जुट गया।
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22 फरवरी से शुरू होगा खाटूश्यामजी लक्खी मेला 2023
बता दें कि साल 2023 खाटू श्याम जी फाल्गुन लक्खी मेला 22 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो 4 मार्च चलेगा। इस दौरान 30 लाख श्याम भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। वहीं, बड़ी संख्या में श्याम भक्त धुलंडी तक खाटूश्यामजी में रुकेंगे, जो बाबा श्याम के साथ फूलों की होली खेलकर घरों को लौटेंगे। खाटू मेला 2023 को देखते हुए प्रशासन ने कई तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।

पहले दिन देवस्थान मंत्री ने किए दर्शन
85 दिन बाद खाटूश्यामजी मंदिर खुला तो पहले दिन देवस्थान मंत्री शकुन्तला रावत के बाबा श्याम के दर्शन किए। देवस्थान मंत्री रावत ने खाटूश्यामजी पहुंचकर तीन माह में श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा सुगम दर्शन के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने नवाचारों को देखकर मंदिर कमेटी की सराहना की।

खाटूश्यामजी मंदिर में 8 अगस्त 2022 को मच गई थी भगदड़
इस अवसर पर श्री श्याम मंदिर कमेटी के संरक्षक प्रताप सिंह चौहान ने मंदिर कमेटी द्वारा की गई तमाम व्यवस्थाओं के बारे में उनको बताया। मंत्री के खाटूश्यामजी पहुंचने पर जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने अगवानी की। उल्लेखनीय है कि 8 अगस्त 2022 को खाटूश्याम मंदिर परिसर में भगदड़ मचने के कारण तीन महिलाओं की मौत हो गई है। उसके बाद यहां की व्यवस्थाओं में बदलाव करने के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे।
बाबा श्याम के वार्षिक लक्खी मेला 2023 की व्यवस्थाएं
- सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे के प्रसिद्ध बाबा श्याम के पट 6 फरवरी 2023 से खुलने के साथ ही बाबा श्याम के वार्षिक लक्खी मेले को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय पर बैठक ली। सीकर जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने अधिकारियों को कहा कि बाबा श्याम के वार्षिक लक्खी मेले को लेकर पार्किंग 2 दिन में तैयार करें।
- गांव मंडा से हनुमानपुरा तक सड़क मार्ग को सही करने के साथ-साथ इस बार श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा चल रहे समस्त कार्यों की मॉनिटरिंग भी करवाई जाएगी।
- सड़क के शेष रहे पेच वर्क एक सप्ताह के भीतर पूरे करने, पार्किंग से चौमूं पुरोहितान रास्ते को भी अस्थाई तौर पर चालू करने के लिए कहा।
- आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रींगस सहित खाटूश्यामजी में जूता स्टैंड बनाने,उपखंड अधिकारी द्वारा मेले के दौरान भंडारों की स्वीकृति देने के लिए कहा गया।
- खाटूश्यामजी वार्षिक मेला 2023 में इत्र की शीशियों पर पूर्णतया पाबंदियां लगाई गई।
- इत्र की शीशी मंदिर में ले जाने के बाद कांच के टुकड़े होने से श्रद्धालुओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
- इसको ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर ने विशेष हिदायत देते हुए इस बार इत्र की शीशियों पर ही प्रतिबंध लगा दिया गया।
- पर्यटन विभाग द्वारा मोबाइल टॉयलेट की निगरानी करते हुए लगाने के लिए कहा।
- मेले के दौरान रसद विभाग द्वारा राशन की सामग्री की दुकानों पर जांच करने के निर्देश दिए गए।
- खाटू मेला 2023 के दौरान कस्बे के होटल, दुकान व धर्मशाला में व्यवसायिक 6 सिलेंडर से ज्यादा नहीं रख सकते। उनकी जांच भी की जाएगी।
- खाटू में आने वाले सभी मार्गों पर स्थाई सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
- वीवीआइपी आने को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग को एक अस्थाई हेलीपैड बनाने के लिए कहा गया।
- नगर परिषद सीकर को वैक्यूम क्लीनर मशीन मेले के दौरान लगाने के लिए भी कहा गया।
- नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को कस्बे सहित मेला परिसर में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
- सीकर जिला कलेक्टर द्वारा सीएचसी में बन रहे नवीन भवन का निरीक्षण भी किया गया।
- एनआरएचएम के अधीक्षण अभियंता को 10 दिन में तैयार कर सीएचसी को सुपुर्द करने के लिए कहा गया।
- सीकर पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने असमर्थता जताते हुए 20 फरवरी तक के लिए समय मांगा जिसे नवीन भवन का कार्य पूरा हो सके।

खाटूश्यामजी मंदिर का लुक बदल गया
खाटूश्यामजी लक्खी मेला 2023 में भक्तों का खाटूधाम का लुक बदला हुआ नजर आएगा। मुख्य प्रवेश द्वार को 75 फीट तक कर दिया गया है। दर्शनों के लिए 14 कतारें बनाई गई हैं। पहले यहां केवल 4 लाइनें थीं। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं के निकले के लिए प्राचीन कानपुर धर्मशाला में से 40 फीट चौड़ा नया रास्ता बनाया गया है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से एक घंटे में 50 से 60 हजार श्रद्धालु बाबा श्याम का दर्शन कर सकेंगे। बिजली के तारों को भी अंडरग्राउंड किया गया है।












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