Karwa Chauth 2022 : राजस्थान में शहीद वीरांगनाओं ने भी रखा करवा चौथ का व्रत, बोलीं-पति अजर-अमर
Karwa Chauth 2022 : राजस्थान के शेखावाटी में शहीद वीरांगनाओं ने भी रखा करवा चौथ का व्रत, बोलीं-पति अजर-अमर
Karwa Chauth 2022 Shahid Virangana Jhunjhunu : सुहाग की सलामती के लिए रखे जाने वाले करवा चौथ के व्रत राजस्थान के शेखावाटी अंचल में शहीद वीरांगनाएं भी रखती हैं। इनका मानना पति तन पर मर मिटे हैं। इसलिए वे अजर अमर हैं। यही वजह है कि झुंझुनूं जिले में शहीद वीरांगनाएं भी करवा चौथ का व्रत रखती हैं और शहीद पति की तस्वीर देखकर बाकी रस्में निभाती हैं। करवा चौथ 2022 में गांव टीबा, जय पहाड़ी व भोड़की समेत कई गांवों में शहीद वीरांगनाएं व्रत रखती दिखीं।

शहीद विक्रम सिंह की वीरांगना प्रिया कंवर
मीडिया से बातचीत में झुंझुनूं जिले के गांव भोड़की की प्रिया कंवर ने बताया कि उनके पति विक्रम सिंह नरूका लेह लद्दाख में ड्यूटी के दौरान टैंक के नीचे दब जाने से 27 फरवरी 2021 को शहीद हो गए। वे लद्दाख में 90 आर्म्ड रेजिमेंट की टुकड़ी में लांस नायक के पद पर तैनात थे। प्रिया कंवर का पति के बिना यह दूसरा करवा चौथ था। इस दिन भी प्रिया ने व्रत रखा और चौथ माता की कहानी सुनी। रात को चांद को अर्ध्य देकर व्रत खोला।

शहीद जगदीश सिंह शेखावत की वीरांगना सुनील कंवर
अन्य वीरांगनाओं की तरह ही झुंझुनूं जिले के गांव जय पहाड़ी के शहीद नायक जगदीश सिंह शेखावत सुनील कंवर ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। 5 राष्ट्रीय राइफल्स में लांस नायक जगदीश सिंह करगिल जंग में 17 सितंबर 1999 को शहीद हुए थे। पत्नी सुनील कंवर हर साल करवा चौथ व्रत रखती है। यही नहीं बल्कि शहीद जगदीश की बहनें रक्षाबंधन पर उनकी प्रतिमा के राखी भी बांधती हैं।

शहीद श्योराम गुर्जर की वीरांगना सुनीता
पुलवामा हमले के मास्टर माइंड गाजी कामरान को मौत के घाट उतारते समय 18 फरवरी 2019 को झुंझुनूं जिले के गांव टीबा निवासी श्योराम गुर्जर शहीद हो गए थे। वींरागना सुनीता ने बताया कि हर साल पति की याद में करवा चौथ का व्रत रखती हैं। पति भले ही इस दुनिया से अलविदा कह चुके हो, मगर वे अमर हैं।

करगिल युद्ध में झुंझुनूं के 19 शहीद
राजस्थान के झुंझुनूं में सर्वाधिक फौजी हैं। सबसे ज्यादा यहीं के जवान शहीद हुए हैं। भारत पाकिस्तान के बीच साल 1999 में हुए करगिल जंग के दौरान झुंझुनूं के 19 जवान शहीद हुए थे। इससे पहले भारत पाकिस्तान व चीन के बीच हुई जंगों में भी यहां के अनेक बेटों ने शहादत दी थी।












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