परसरामपुरा की बेटी ज्योति सिरसवा ने भरी ऊंची उड़ान, युवाओं को प्रेरित करने वाली है इनकी सक्सेस स्टोरी

झुंझुनूं। 'म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के' फिल्म दंगल ​का डॉयलॉग ज्योति सिरसवा पर सटीक बैठता है। ज्योति सिरसवा राजस्थान के उस शेखावाटी अंचल से है, जिसके बेटे बड़ी संख्या में खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। ज्योति ने भी छोटे से गांव से दुबई तक का सफर तय करके कमाई के मामले में बेटे से भी एक कदम आगे निकल गई है।

शेखवाटी की बेटी दुबई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर

शेखवाटी की बेटी दुबई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर

दुबई में अच्छे पैकेज पर बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम रही ज्योति सिरसवा ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में गांव में बचपन बीतने, शुरुआती पढ़ाई होने और फिर दुबई तक के सफर के बारे में बताया। ज्योति की सक्सेस स्टोरी युवाओं को प्रेरित करने वाली है।

 जानिए कौन है ज्योति सिरसवा

जानिए कौन है ज्योति सिरसवा

बता दें कि ज्योति सिरसवा राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड के गांव परसराम की रहने वाली हैं। यहां के शिवदान सिरसवा व मंजू देवी के घर 23 जुलाई 1994 को जन्मी ज्योति का बड़ा भाई कृष्णा सिरसवा दिल्ली में जॉब करते हैं जबकि छोटा भाई ललीत सिरसवा बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। पिता रियल एस्टेट का काम करते हैं व मां हाउस वाइफ हैं।

 ज्योति सिरसवा की पढ़ाई

ज्योति सिरसवा की पढ़ाई

ज्योति ने दसवीं तक की पढ़ाई गांव परसरामपुरा के टैगोर स्कूल से की। 11वीं व 12वीं की पढ़ाई जीपीएस नवलगढ़ से पूरी की। फिर नवलगढ़ के पोदार कॉलेज में बीसीए में प्रवेश लिया। इसी दौरान मोबाइल एप्प के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया। देखते ही देखते एप्प बनाने में ही ज्योति की दिलचस्पी बढ़ती गई।

जयपुर के कॉलेज की एमसीए

जयपुर के कॉलेज की एमसीए

ज्योति बताती हैं कि उनकी कामयाबी में सबसे बड़ा योगदान माता-पिता का है, जिन्होंने उन्हें बेटों की तरह समझा। पोदार कॉलेज से बीसीए करने के बाद ज्योति ने जयपुर के आईआईआईएम कॉलेज से एमसीए करना चाहा तो परिजन ने उसके बढ़ते कदम नहीं रोके। जयपुर के कॉलेज में एमसीए करने के दौरान भी एप्प डवलप करने का शौक जारी रखा।

जयपुर में मिला पहला जॉब

जयपुर में मिला पहला जॉब

जयपुर के आईआईआईएम कॉलेज से एमसीए के चौथे सेमेस्टर में जयपुर की बीआर सॉफ्टटेक में आठ हजार रुपए प्रतिमा की जॉब की। छह माह बाद जयपुर में ही कॉटेंट इंफो सॉल्यूशन एमएनसी में ज्वाइन कर ली, जहां 40 हजार प्रतिमाह मिलते थे। यहां पर डेढ़ साल के जॉब के दौरान ज्योति की टीम जेड अमेरिकन इंग्लिश नाम के मोबाइल एप्प पर काम कर रही थी।

 दुबई की कम्पनी एके इंटरनेशनल से मिला ऑफर

दुबई की कम्पनी एके इंटरनेशनल से मिला ऑफर

ज्योति बताती हैं कि जयपुर की कम्पनी कॉटेंट इंफो सॉल्यूशन में जेड अमेरिकन इंग्लिश प्रोजेक्ट पर दिल से काम किया। नतीजा यह रहा कि काम को पसंद किया गया और उसी की बदौलत दुबई की एके इंटरनेशनल से अच्छे पैकेज का जॉब ​ऑफर मिला। मार्च 2020 में ज्योति जयपुर से दुबई चली गई। बीते माह ही छुट्टियों में घर आई हुई है। 13 दिसम्बर को दुबई वापसी है।

 दुबई में हैल्थ इंटरफेम प्रोजेक्ट पर कर रही काम

दुबई में हैल्थ इंटरफेम प्रोजेक्ट पर कर रही काम

दुबई की एके इंटरनेशनल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर ज्योति सिरसवा एक टीम को लीड कर रही है। यह टीम एके इंटरनेशनल हैल्थ इंटरफेम प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत ऐसा मोबाइल एप्प बनाया जा रहा है, जो चिकित्सा क्षेत्र में काम आएगा। मरीज घर-घर बैठे चिकित्सा से परामर्श ले सकेगा। यह प्रोजेक्ट अगले माह अमेरिका, भारत समेत सात देशों में लॉंच होगा।

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