Jat Andolan Rajasthan: भरतपुर-धौलपुर के जाटों को आरक्षण के लिए 13 फरवरी का इंतजार, फिर उठाएंगे बड़ा कदम
Jat Reservation Movement Rajasthan: राजस्थान के भरतपुर, डीग और धौलपुर जिले के जाट के राज्य की तर्ज पर केंद्र में भी ओबीसी आरक्षण मांग रहे हैं, मगर महापड़ाव के 25वें दिन शनिवार तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
अब जाट आरक्षण आंदोलन में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह की भी एंट्री हो गई है। इन्होंने कहा कि 13 फरवरी खास दिन है। इसके बाद ही जाट आगामी कदम उठाएंगे। महापड़ाव खत्म करने या आंदोलन तेज करने का फैसला लेंगे।

दरअसल, जाट ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर 17 जनवरी 2024 से भरतपुर जिले की उच्चैन तहसील के गांव जयचौली में रेल पटरियों के पास डेरा डाले बैठे हैं। पहले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के कारण महापड़ाव को शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा था।
फिर जाट आरक्षण आंदोलन के नेताओं की राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार के साथ वार्ता के कई दौर चले और मामले केंद्र सरकार के पास पहुंच गया और दिल्ली में वार्ता होनी है। यह वार्ता भी बेनतीजा रहती है तो राजस्थान में जाट चक्का जाम जैसे कदम उठा सकते हैं।
पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि जाट समाज एकजुट है। कुछ लोगों ने गलतफहमी फैला दी थी। अब ऐसा कुछ नहीं है। कुछ दिन पहले जो समिति के पदाधिकारी नियुक्त किए गए थे। वे आरक्षण आंदोलन में सहायता के लिए हैं। 13 फरवरी 2024 को दोपहर दो बजे दिल्ली में जो वार्ता होनी है। वह सफल होनी चाहिए। वरना खुद जयचौली आकर महापड़ाव को बढ़ाया जाएगा।
भरतपुर से आने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता व अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि पुराने आरक्षण आंदोलन से पूरा अनुभव है। उस समय भी भरतपुर को पूरी तरह से जाम कर दिया था। अगर वार्ता सफल होती है तो महापड़ाव को समाप्त कराया जाएगा।












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