Anurag Maloo: अस्पताल में चिकित्सकों ने नाम पुकारा तो खोली आंखें, 6 हजार फीट पर हुए थे लापता
नेपाल के मेडिसटी अस्पताल में उपचाराधीन भारतीय पर्वतारोही अनुराग मालू की नाजुक स्थिति में सुधार

भारतीय पर्वतारोही अनुराग मालू 17 अप्रैल को नेपाल में माउंट अन्नपूर्णा से लौटते समय हिम दरार में फंसकर लापता हो गए थे। तीसरे दिन रेस्क्यू किया गया था।
नेपाल में माउंट अन्न्पूर्णा फतह करके लौटते वक्त हिम दरार में तीन दिन तक फंसे रहने वाले भारतीय पर्वतारोही अनुराग मालू की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। नेपाल के मेडिसिटी अस्पताल में उपचार ले रहे अनुराग मालू का नाम पुकारा जाने पर उन्होंने आंखें खोली हैं।
जानकारी के अनुसार सोमवार को डॉक्टरों ने समन्वित मस्तिष्क कार्य के तहत संकेत देने के अलावा अनुराग मालू का नाम भी पुकारा। हालांकि उसका एमआरआई नहीं किया गया है। खून जमा देने वाली बर्फ में तीन दिन तक रहने के कारण मालू के गैंगरीन लक्ष्ण दिखाए दिए हैं।
डॉक्टरों के अनुसार अनुराग मालू की इस प्रतिक्रया का इंतजार था। ताकि उपचार की सही दिशा का पता किया जा सके। अनुराग के पिता व भाई भी राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ के मायाबाजार से नेपाल के मेडिसिटी अस्प्ताल पहुंचे। इधर, अनुराग के घर समेत देशभर में उसकी सलामती के लिए प्रार्थना की जा रही है।
बता दें कि माउंट अन्नपूर्णा दुनिया का दसवां सबसे ऊंचा पर्वत है। यह दुगर्म इलाके में रूप में जाना जाता है। 17 अप्रैल को अन्न्पूर्णा से लौटते समय अनुराग छह हजार मीटर की ऊंचाई से गिरकर हिम दरार में फंस गए थे। इसके बाद से लापता अनुराग की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। बचाव दलों की कई उनकी तलाश में जुटी थी, जिन्हें तीसरे दिन सफलता मिली।
बचाव राहत दल के पायलट सोबित गौचन की मानें तो अनुराग मालू का जिंदा बचाना काफी मुश्किल था। अनुराग गहरी खाई में औंधे मुंह गिरे हुए पाए गए थे। वहां बर्फ में उनके दब जाने का भी खतरा बना हुआ था। उस समय हिम स्खलन होने पर बचाव दलों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था।












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