GROUND REPORT IN KOTA: कोचिंग सिटी कोटा में परिजनों के साथ छात्रों ने खोली प्रशासन की पोल ! जानिए कैसे

GROUND REPORT Kota Coaching City News: देश की राजधानी दिल्ली में बिते दिनों बेसमेंट में हुए हादसे के बाद राजस्थान के हालातों को लेकर वन इंडिया हिंदी की टीम ने कोचिंग सिटी कोटा में पहुंच ग्राउंड जीरो पर पहुंच परिजनों के साथ छात्रों से बातचीत की।

राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 252 किमी दूर कोटा शहर जहां देश के कई राज्यों से लाखों स्टूडेंट हर साल पढ़ाई करने आते है। वन इंडिया हिंदी की टीम ने कोटा शहर के तलवंडी इलाके में पहुंच कर छात्रों और परिजनों से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की ।

छात्रों के परिजन चंचल बघेरवाल ने बातचीत में बताया कि दिल्ली का हादसा बेहद दर्दनाक था। खैर यह तो बाढ़ थी, आपदा थी आ गई लेकिन बेसमेंट में इस तरह की गतिविधि नहीं होनी चाहिए।

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प्रशासन को पहले से ही कोचिंग संचालकों पर नजर रखना चाहिए। परिजन अगर रूपए खर्च करते है तो उनकी पूरी सुविधाएं सुरक्षा के साथ मिलना चाहिए।

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    चंचल बघेरवाल ने कोचिंग संस्थानों की मोटी फीस वसूली और सुविधाओं को लेकर कहा कि जिस तरह से संस्थान हर महीने लाखो रूपए लेती है तो छात्रों को सुविधाएं भी उसी के अनुसार होना चाहिए।

    कोचिंग क्लासेज और हॉस्टल में क्षमता से ज्यादा बिठाने और रखने को लेकर बघेरवाल ने कहा कि कोचिंग संस्थान को लेकर इस तरह की लापरवाही ना बरतते हुए सबक लेना चाहिए।

    जोधपुर के निवासी छात्र रविंद्र विश्नोई ने बताया कि दिल्ली में हुए हादसे से सबक लेना चाहिए ताकि कोई हादसा ना हो। कोचिंग संचालकों को गाइडलाइन के अनुसार करना चाहिए।

    जालोर निवासी भावेश कुमार ने बातचीत करते हुए बताया कि दिल्ली में हुआ हादसा बेहद दर्दनाक है। कोटा में भी लाखों छात्र पढ़ने आ रहे है। यहां पर भी बेसमेंट में लाइब्रेरी और कोचिंग क्लासेज संचालित हो रही है। हालांकि यहां पर प्रशासन एक्शन लेकर उन्हे बंद करवाया जा रहा है। प्रशासन लापरवाही बरतता है तो फिर दिल्ली जैसा हादसा हो जाता है।

    भावेश ने बताया कि बड़े कोचिंग संस्थानों में तो पर्याप्त जगह है लेकिन छोटे कोचिंग संस्थान भेड़ों और मवेशियों की तरह ढूंस देते है। सात-सात घंटे एक ही जगह पर बैठा रहना मुमकिन नहीं है। अगर छात्रों की संख्या ज्यादा है तो फिर संचालकों को बैच बढ़ाने चाहिए।

    प्रशासन पर आरोप लगाते हुए भावेश ने कहा कि समय रहते अगर कार्रवाई की जाए तो ऐसे हादसे ना हो लेकिन अधिकारी समय पर कार्रवाई नहीं करते है।

    बिहार निवासी एक छात्र ने बातचीत में बताया कि कोटा में तो सैकड़ों लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थान है जहां लाखों छात्र पढ़ने आते है और यहां पर बेसमेंट में छात्रों को किराए पर कमरे तक दिए जा रहे है। यहां बेसमेंट में लाइब्रेरी भी संचालित है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

    इस छात्र ने तो नसीहत देते हुए कहा कि प्रशासन को समय पर रहते सुध लेना चाहिए ऐसे लापरवाह कोचिंग संस्थान के संचालकों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

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