Rajasthan News: जब ग्रेनाइट व्यापारी के बेटे ने अपने ही पिता से मांगी 6 लाख रूपए की फिरौती, जानिए पूरा मामला
Rajasthan Kidnaping Story: राजस्थान में ग्रेनाइट व्यापारी के बेटे को शेयर मार्केट का घाटा क्या हुआ कि उसने अपने ही पिता से फिरौती में 6 लाख रूपए की डिमांड रख दी वो तो भला हो राजस्थान पुलिस का जो पूरी फिल्मी कहानी को एक्सपोज कर दिया।
इन दिनों युवाओं में एक तो बेरोजगारी ऊपर से शॉर्टकट से फिल्मी स्टाइल में पूंजीपति होनी की खुमारी ऐसी चढ़ी है कि बेटे ने अपना ही अपहण की कहानी गढ़ पिता से फिरौती में 6 लाख रूपए मांग लिए।

दरअसल जालोर में ग्रेनाइट व्यापारी के बेटे ने पहले शेयर मार्केट में नुकसान किया फिर अपने ही अपहरण की साजिश रच दी।
लेकिन जब पुलिस ने जांच पड़ताल की युवक झाड़ियों में आराम करता हुआ मिला। पुलिस ने पूछताछ की तो पूरी फिल्मी कहानी का खुलासा हुआ।
दरअसल राजस्थान के जालौर में ग्रेनाइट व्यापारी के बेटे ने शेयर मार्केट में घाटे की भरपाई के लिए अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रच दी। पैसों के लालच के लिए एक ग्रेनाइट व्यापारी के बेटे ने अपनी ही किडनैपिंग की झूठी साज़िश रचकर जालोर पुलिस को 2 रात दो 3 दिन तक लगातार घुमाता रहा।
पुलिस के इनवेस्टिगेशन में सामने आया कि व्यापारी के बेटे राजेंद्र ने अपने पिता को धमकी भरा मैसेज भी भेजा और उसमें फिरौती की डिमांड कर दी।
मामले में जालोर पुलिस की 7 टीमों ने 2 रात और 3 दिन तक 100 से ज्यादा कैमरे खंगालकर गुरुवार को मामले की तह तक पहुंच गए और रणकपुर के रास्ते में पुलिस ने व्यापारी के बेटे को दबोच लिया।
फिरौती में ग्रेनाइट स्टोन में चमक लाने का फॉर्मूला और 6 लाख कैश की मांग की थी। पुलिस ने अपहृत राजेन्द्र कुमार पुत्र रतनलाल जाति मालवीय लोहार निवासी साई विहार कालोनी जालोर को कस्बा सादडी पुलिस थाना सादडी जिला पाली से दस्तयाब किया ।
युवक से जब घटना को लेकर गहनता से पूछताछ की तो राजेन्द्र ने बताया कि उसने शेयर बाजार मे फयुचर एंड ऑप्सन में पैसे लगाये, जिसमें उसके दिसम्बर 2023 से जुन 2024 तक करीब 10,50,000 रूपये का नुकसान हुआ।
जिसकी भरपाई करने के लिए उसने 4,50,000 रूपये का एक्सीस बैंक से आन लाईन लोन लिया तथा शेष 6,00,000 रूपये की वसूली के लिए स्वयं के अपहरण की योजना बनाकर घर से अपनी मोटरसाईकिल लेकर अपना मोबाईल फोन बन्द करके सिरोही गया ।
सिरोही जाकर अपने फोन से अपने पिता रतनलाल को स्वयं के अपहरण होने तथा फिरौती 6,00,000 रूपये की मांग करने और फिरौती नही देने पर बेटे को जान से मारने का मैसेज कर फोन बन्द कर दिया।
उसके बाद सिरोही, हरजी, बालोतरा, पचपदरा, साण्डेराव, रानी व सादडी घुमता रहा, जहां से दिनाक 20.6.2024 सांय काल में राजेन्द्र को रणकपुर रोड सादडी से मोटरसाईकिल सहित दस्तयाब किया गया।
राजेन्द्र मालवीय को दस्तयाब करने के पश्चात पूछताछ में राजेन्द्र को गलत सूचना देकर गुमराह करने, अज्ञात व्यक्तियों द्वारा स्वयं का अपहरण किया जाकर 6,00,000 रूपये की मांग किये जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल ने बताया कि जालोर के कोतवाली थाना इलाके में रहने वाले ग्रेनाइट व्यापारी रतन लोहार का बेटा सोमवार को गायब हो गया था।
इसके बाद रतन लोहार के पास शाम 5.30 के करीब धमकी भरे मैसेज आए जिसमें लिखा था कि बेटे को जिंदा देखना चाहते हो तो 6 लाख कैश और ग्रेनाइट पत्थर में चमक लाने के लिए बनाई जाने वाली बट्टी का फॉर्मूला लेकर बताए हुए पते पर आ जाओ।
जिसके बाद रतन लोहार ने किडनैपिंग और फिरौती का केस दर्ज कराया। इसके बाद सामने आया कि व्यापारी के बेटे राजेंद्र (25) ने खुद ही अपने अपहरण की झूठी कहनी रची थी।
गुरुवार शाम 4.15 बजे राजेंद्र को देसुरी-रणकपुर के बीच के रास्ते से पकड़ लिया। वह यहां सड़क से कुछ दूर झाड़ियों में आराम कर रहा था। पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार उसकी तलाश की। जैसे-जैसे राजेंद्र की लोकेशन मिली उस क्षेत्र में पुलिस की टीमें पहुंचीं और तकनीकी सहायता लेकर उसे ढूंढने की कोशिश की।
इधर अभय कमांड व साइबर टीमें भी लगातार उसे ट्रैस कर रही थीं। राजेंद्र के पास आईफोन था इसलिए उसकी लोकेशन आसानी से ट्रैस नहीं हो पा रही थी। पुलिस को जहां भी सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र नजर आया, वह अकेला था। ऐसे में शक हुआ कि उसने किडनैप की कहानी रची है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजेंद्र सोमवार को अपने घर से दोपहर को भोजन कर ग्रेनाइट फैक्ट्री जाने के लिए निकला था। वह अपने घर थर्ड फेज से धवला होते हुए नारायणावास गया।
वहां से बरलूट होते हुए सिरोही पहुंच गया। पुलिस को वह सिरोही के गोयली चौराहे पर कैमरे में दिखा। उसने अपना मुंह रुमाल से ढंक रखा था। इसी जगह से उसने सोमवार शाम फिरौती का पहला मैसेज किया।
इसके बाद वह जालोर की ओर लौटा। उसने बुडतरा नदी के आसपास से दूसरा मैसेज किया। यहीं उसके पिता रतन लोहार पुलिस के साथ फिरौती की रकम सहित पहुंचे उसने कार का इंडिकेटर चालू रखकर लोकेशन (छिपाड़वारा-हरजी के बीच) पर आने की धमकी दी थी।
लेकिन मंगलवार को कई गाड़ियां देख उसने डील रद्द कर दी। इसके बाद फोन बंद कर दिया। बुधवार दोपहर में अपना फोन कुछ देर के लिए खोला।
इस दौरान उसकी लोकेशन समदड़ी के पास जाणियाणा गांव के नजदीक मिली। गुरुवार को राजेंद्र ने कई बार फोन ऑन किए. दोपहर को फोन ऑन किया तो नेतरा लोकेशन मिली।
इस पर जालोर और आहोर थानाधिकारी और डीएसटी प्रभारी वहां पहुंचे। इसके बाद रानी-खीमेल के आसपास उसकी लोकेशन मिली। इसके बाद पाली पुलिस की मदद से उसे गुरुवार शाम 4:15 बजे के रणकपुर के रास्ते पकड़ लिया गया।












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