कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की बढ़ती मुश्किलों से हाड़ौती का सियासी पारा क्यों हो गया हाई ? जानिए पूरा मामला
Rajasthan News: राजस्थान में सिसायत के गढ़ हाड़ौती में लोकसभा चुनाव के बाद भी सियासी पारा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के भाई को UIT ने नोटिस थमा कर 3 दिन में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए है।
उधर प्रहलाद गुंजल ने एक बार फिर कार्रवाई को द्वेषतापूर्ण बताते हुए भाजपा सरकार पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। गुंजल और उनके परिवार पर जिला प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाइयों के बाद गुर्जर समाज भी आज समाज के लोगों की बैठक कर आगामी दिनों में आंदोलन की रणनीति बना रहा है।

हाड़ौती की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण माने जाने वाली कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही है।
गुंजल के खिलाफ अवैध खनन और सरकारी जमीन पर संग्रहण करने सहित अन्य धाराओं में हुए मुकदमा दर्ज होने के बाद अब गुंजल के पैतृक गांव धर्मपुर में भी जिला प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की है।
सरकारी जमीन पर चलाई जा रही अवैध गौशाला को 3 दिन में हटाने का अल्टीमेटम दिया है। रामरतन गुंजल को यूआईटी ने नोटिस थमाया गया है।
नगर विकास न्यास के उप सचिव द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि धर्मपुरा गांव मे खसरा नम्बर 226 पर संचालित हो रही गौशाला को अवैध कब्जा बताते हुए तीन दिन में जमीन खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित अवधि में जमीन खाली नही करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।
कोटा के बावड़ी खेड़ा में मौजूद प्रहलाद गुंजल के क्रेशर पर अवैध खनन सरकारी जमीन पर पत्थर का संकरण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन ने मौके का एक बार फिर मुआयना किया है।
सरकारी जमीन के माइनिंग, वन विभाग, यूआईटी और पुलिस की अवैध खनन पर संयुक्त कार्रवाई करने के बाद राजस्व वन विभाग एवं यूआईटी की टीमों द्वारा उक्त ज़मीन की पैमाईश की गई।
यूआईटी सचिव कुशल कोठारी के अनुसार उक्त खनन एवम् संग्रहण यूआईटी के खसरा 691, 694 में पाया गया, साथ ही लगते हुए वन भूमि और निजी खातेदारों के खसरों के निर्धारण के लिए भू-प्रबंधन विभाग की मदद ली जाएगी। उनके जरिए डीजीपीएस/ईटीएस सर्वे के लिए लिखा गया है।
जिससे ही यह तय हो पाएगा कि इस ज़मीन में वन विभाग की कितनी ज़मीन और खसरे शामिल है और उसके बाद अवैध खनन पर वन विभाग ,यूआईटी , खनन विभाग द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जायेगी।
प्रहलाद गुंजल पर मुकदमा दर्ज होने के बाद बावड़ी खेड़ा स्थित गुंजल के क्रेशर पर नापतोल करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम ने क्रेशर और आसपास के इलाके का खसरा संख्या के अनुसार नापतोल और सर्वे की कार्रवाई की।
वहीं गुंजल के पैतृक गांव में उनके भाई राम रतन द्वारा संचालित की जा रही गौशाला को 3 दिन में खाली करने का नोटिस नगर विकास न्यास द्वारा जारी करने के बाद गुंजल ने एक बार फिर कार्रवाई को द्वेषता पूर्ण कार्रवाई बताते हुए भाजपा सरकार पर आरोप लगाए हैं।
इसके अलावा प्रहलाद गुंजल और उनके परिवार पर जिला प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाइयों के बाद गुर्जर समाज भी आज समाज के लोगों की बैठक कर आगामी दिनों में आंदोलन की रणनीति बना रहा है।












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