'प्रार्थना करती हूं कि सब जल्दी जमीन पर आ जाए', राइजिंग राजस्थान में ऐसा क्यों बोलीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे
Rajasthan News: राजस्थान में विकास के नए युग का सूत्रपात करते हुए राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन ने राज्य में रोजगार, निवेश और आर्थिक पुनरुद्धार की अपार संभावनाओं को उजागर किया। शिखर सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत कई प्रमुख नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया। जिन्होंने राज्य के समृद्ध भविष्य की नींव रखी।
वसुंधरा राजे ने दिखाई समृद्ध राजस्थान की झलक
शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसे राजस्थान के भविष्य के लिए एक परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा यह आयोजन केवल अवसरों का प्रदर्शन नहीं। बल्कि राजस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक ठोस प्रयास है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि आज जो देखने को मिला है। उसका फल आएगा। राजस्थान पर इसका पूरा असर होगा। आज जो आप देख रहे हैं। यह जमीन पर आते ही नौकरी और इकोनॉमी के साथ राजस्थान का रंग बदलने का मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि यह सब जल्दी से जल्दी जमीन पर आ जाए। अगले 4 सालों में राजस्थान को अच्छे से फलते फूलते देखने का मौका मिले।
पूर्व सीएम राजे ने आगे कहा कि हमारा अगला कदम क्या हो सकता है। उस पर प्रधानमंत्री ने आज हमें एक खाका खींच कर दिया है। मुझे लगता है अभी शुरुआत है। हमने एक फाउंडेशन के रूप में इसे शुरू करने का काम किया है। अगर इन कदमों पर हम चलते रहेंगे। राजस्थान नई ऊंचाइयों को छू लेगा।
राजे ने अगले चार वर्षों में एक समृद्ध राजस्थान के निर्माण की आशा व्यक्त की। जो इस शिखर सम्मेलन में रखी गई नींव पर आधारित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकास के ब्लूप्रिंट को राज्य की उन्नति की दिशा में एक बड़ी शुरुआत करार दिया।
राज्य में निवेश और नीतियों का नया दृष्टिकोण
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने शिखर सम्मेलन में राज्य के निवेश नीति में हुए बड़े बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने लालफीता शाही को खत्म कर निवेशकों के लिए लाल कालीन बिछा दी है। राठौड़ ने रोजगार सृजन को राज्य की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार युवाओं और महिलाओं को सार्थक रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान की रणनीतिक स्थिति और नीतिगत सुधारों को राज्य की औद्योगिक वृद्धि का आधार बताया। दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के नजदीक होने और औद्योगिक वातावरण में सुधार के साथ राजस्थान एक बड़े औद्योगिक उछाल के लिए तैयार है। उन्होंने डबल इंजन सरकार की भूमिका को राज्य की औद्योगिक क्षमता को खोलने में महत्वपूर्ण बताया।
शिखर सम्मेलन का जश्न, अवसरों और उम्मीदों का संगम
शिखर सम्मेलन में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इसे केवल एक आयोजन नहीं। बल्कि अवसरों का उत्सव करार दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने राजस्थान में निवेश के साथ रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं जगाई है। मीणा ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन राज्य के आर्थिक पुनरुद्धार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने मुख्यमंत्री के पहले वर्ष में ही इतने भव्य आयोजन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार की सक्रिय नीति का परिचायक है।
केंद्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी ने राजस्थान की भूमि और सौर ऊर्जा की प्रचुरता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में क्रांति लाने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की राज्य की सराहना
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के लोगों की लचीलापन और चुनौतियों का सामना करते हुए नए अवसर पैदा करने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान का उत्तरदायी और सुधारात्मक शासन इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगा।
कई एमओयू साइन और बड़े निवेश की घोषणा
शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए और बड़े निवेश की घोषणा की गई। पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ राजस्थान केवल आर्थिक ही नहीं। बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनरुद्धार की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है।
राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन ने राज्य के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। निवेशकों के लिए खुले निमंत्रण, नीतिगत बदलाव और नेताओं की सामूहिक दृष्टि राजस्थान को भारत के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों में से एक बनाने की ओर अग्रसर कर रही है। राजस्थान अब अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक ताकत का लाभ उठाकर विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।












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