राजस्थान में ED के छापे: पेपर लीक के सरगना सुरेश ढाका ने शेयर, प्रॉपर्टी व स्टार्टअप्स में लगाए पैसे
राजस्थान शिक्षक भर्ती का पेपर लीक करवाने वालों के 28 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे हैं। पेपर माफिया सुरेश ढाका की करोड़ की सम्पत्ति का खुलासा हुआ है।

राजस्थान में पेपर माफिया के 28 ठिकानों में से 20 की जांच बुधवार को पूरी हो गई। शेष आठ ठिकानों पर जांच गुरुवार को भी जारी रही। पेपर लीक मामले में फरार आरोपी सुरेश ढाका के ठिकानों से निवेश के अहम दस्तावेज मिले हैं। उसके जरिए कई मंत्रियों व अफसरों ने पैसों का निवेश किया।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आरोपी सुरेश ढाका ने रियल स्टेट, शेयर बाजार और स्टार्टअप्स में भी मोटी रकम निवेश कर रखी है। राजस्थान में ईडी की छापेमारी का यह पूरा मामला 200 करोड़ से ज्यादा का बनता दिखाई दे रहा है।
राजस्थान पत्रिका में छपी एक खबर में सूत्रों के हवाले से दावा तो यह भी किया जा रहा है कि ईडी की छापेमारी में कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है। क्योंकि ईडी के अधिकारी जब्त दसतावेजों के सत्यापन के लिए दिल्ली मुख्यालय के लिए रवाना हो गए।
ईडी की टीम ने सुरेश ढाका के सांचौर के पास स्थित अचलपुर गांव में घर पर छापा मारा। उधर, एसओजी की गिरफ्त में चल रहे आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा व उसके भांजे से ईडी की टीम ने जेल में पूछताछ की। बाबूलाल कटारा को ईडी अपनी हिरासत में ले सकती है।
राजस्थान में पेपर माफिया पर ईडी के छापों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। सीएम अशोक गहलोत ने क्राइम समीक्षा बैठक के बाद कहा कि ईडी राजस्थान में चुन-चुनकर भेदभावपूर्ण कार्रवाई कर रही है। एसओजी ने संजीवनी की सम्पत्ति अटैच करने के लिए ईडी को कई पत्र लिखे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
वहीं, इस मामले में भाजपा भी राजस्थान सरकार पर निशाना साध रही है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीजी जोशी ने कहा कि कांग्रेस ईडी, सीबीआई के दुरुपयोग का भाजपा पर आरोप लगा रही है जबकि खुद कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। चार साल खूब भ्रष्टाचार किया है।












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