Rajasthan: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर जानिए क्या लगाए आरोप ?

जयपुर, 22 अगस्त। देशभर में आज कांग्रेस ने अडानी महाघोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से करवाने तथा सेबी चेयरपर्सन को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में जयपुर स्थित ईडी कार्यालय के बाहर कांग्रेस पार्टी द्वारा धरना देकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। विरोध-प्रदर्शन में कांग्रेस के सांसद व विधायक, सांसद व विधायक प्रत्याशी, प्रदेश पदाधिकारियों के साथ ही हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

धरने में उपस्थित हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अपने सम्बोधन में स्वागत करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज राजस्थान में भी भाजपा सरकार की अजीब स्थिति है।

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मुख्यमंत्री की मंत्री नहीं मानते, मंत्रियों की विधायक नहीं सुन रहे, विधायकों की जनता नहीं मान रही। उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आ रहा है कि सरकार कौन चला रहा है, सरकार की सर और पांव का पता नहीं।

उन्होंने कहा कि अजीब स्थिति है कोई मंत्री इस्तीफा लिए घूम रहा है और डेढ़ माह से मुख्यमंत्री फैसला नहीं कर पा रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा के एक नेता जो 5 साल के लिए सांसद बनने की उम्मीद लिए बैठे थे उन्हें दो वर्ष के लिए शेष रहे कार्यकाल के लिए भी राज्यसभा हेतु नामांकित नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि अब तो भाजपा द्वारा इन नेताजी को हाजिरी लगाकर प्रताड़ित करने का भी कार्य किया गया, इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता है कि भाजपा में अपने ही वरिष्ठ नेताओं जो अभी हाल ही में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं, को हाजिरी लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार नाम की चीज नहीं रह गई, एक ही बात कहीं जाती है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यों की जांच कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बेशक सरकार जांच करें गलत कार्य करने वालों को जेल में डाले, किन्तु मात्र भाषण से काम नहीं चलेगा, क्योंकि राजस्थान की जनता ने 5 वर्ष सरकार चलाने का जिम्मा भाजपा के द्वारा किए गए झूठें वादों पर विश्वास कर दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के मुख्यमंत्री यमुना जल समझौते की बात करते हैं किन्तु सच्चाई यह है कि वे एक बूंद पानी भी हरियाणा से राजस्थान नहीं ला सकते हैं क्योंकि राजस्थान के अधिकारियों को हरियाणा में घुसने नहीं दिया जा रहा है और डीपीआर की बात करने पर इनका फोन काट दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के दखल से हरियाणा सरकार से भाजपा की राजस्थान सरकार ने केवल इसलिए समझौता किया ताकि भाजपा हरियाणा चुनावों में लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा से यमुना जल समझौता हो या ईआरसीपी को लेकर मध्यप्रदेश से समझौता किया गया हो, एक बात तय है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार के इशारे पर राजस्थान का हित इन दोनों प्रदेशों के समक्ष बेचने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा हरियाणा से किए गए समझौते के पश्चात् प्रदेश को मूल समझौते में वर्णित मात्रा से कम पानी मिलेगा और वो भी वर्ष के 12 महिनों की बजाए मात्र 4 माह जिसमें यदि वर्षा के कारण अतिरिक्त जल हुआ तो ही ऐसा कर मुख्यमंत्री ने हरियाणा प्रदेश को पूर्व निर्धारित मात्रा से अधिक जल उपभोग करने का समझौता कर राजस्थान के हितों पर कुठाराघात किया है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ईआरसीपी के नाम पर मध्यप्रदेश से समझौता कर राजस्थान को मिलने वाले पानी में कटौती की है जिसके फलस्वरूप मध्यप्रदेश सरकार ने जिस पानी के उपयोग हेतु सुप्रीम कोर्ट से स्टे लिया था वहां राजस्थान से समझौता होने के पश्चात् अपने हित की रक्षा होने की बात बता कर सुप्रीम कोर्ट से स्टे हटवा दिया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा से किया गया नया समझौता एवं मध्यप्रदेश सरकार से जो समझौता भाजपा की राज्य सरकार ने किया है वो राजस्थान की जनता के हितों के विपरीत है तथा इन समझौतों से राजस्थान को मिलने वाला पानी जिस पर प्रदेश की जनता का अधिकार है, उसमें कटौती करने का कार्य किया है।

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