राजस्थान: शादी में शुरू हुई नई परम्परा, दुल्हन को ससुर तोहफे में देने लगे कार
Sikar News, सीकर। राजस्थान के सबसे अधिक पढ़े-लिखे अंचल शेखावाटी में शिक्षा का असर देखने को भी मिल रहा है। शायद यही वजह है कि यहां शादियों के जरिए लोग समाज में नई मिसाल पेश कर रहे हैं। लाखों का दहेज लेने से इनकार करने और बेटियों को घोड़ी पर बैठाकर बिनौरी निकाले जाने के फैसलों के बीच अब एक और नई परम्परा शुरू हुई है। परम्परा यह है कि बेटे की शादी में दुल्हन बहू को ससुर तोहफे में कार भी भेंट करने लगे हैं। अब तक शादी के तोहफे महंगे कपड़ों और आभूषणों तक ही सीमित थे, मगर अब लग्जरी कारों का नाम इनमें शामिल हो गया है। हाल ही शेखावाटी में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ससुर ने बहू को कार गिफ्ट की है।

सीकर जिले के गांव गोठड़ाा भूकरान के राजेन्द्र भूकर के बेटे विक्रम भूकर की शादी गांव जेरठी निवासी डालसिंह की बेटी हर्षिता के साथ हुई। राजेन्द्र भूकर के परिवार ने शादी से पहले ही यह शर्त रख दी थी कि वे दहेज नहीं लेंगे। शगुन के तौर पर सिर्फ एक रुपया और नारियल लिया, मगर इसके बाद भूकर के परिवार ने जो कदम उठाया, उसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। इस परिवार ने दुल्हन बहू को शादी के तोहफ में रूप में कार भेंट की।

शेखावाटी में बहू को तोहफे में कार भेंट करने का यह मामला झुंझुनूं जिले का है। शिक्षक कमलेश तेतरवाल के बेटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर संयम की शादी पिछले साल सॉफ्टवेयर इंजीनियर हिमानी के साथ हुई थी। हिमानी और संयम दोनों बंगलुरु की एमएनसी में काम करते हैं। शादी में वर पक्ष की ओर से कोई दहेज नहीं लिया गया। दुल्हन बनकर बहू पहली बार ससुराल आई तो उसे मुंह दिखाई की रस्म में बतौर उपहार कार भेंट की गई।












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