Rajasthan: विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति क्या ? प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी ने किया बड़ा दावा
Rajasthan By Election News: राजस्थान में विधानसभा उपचुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी पारा गर्म हो गया है। जैसे-जैसे गुलाबी सर्दी की दस्तक हो रही है वैसे ही चुनावी पारा हाई होने लगा है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने चुनावों को लेकर बड़ा दावा कर दिया है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए राजस्थान की 7 विधानसभा सीटों पर जीत का रणनीति का खुलासा कर दिया है।
आपकों बता दें कि जिन सात सीटों पर राजस्थान में उपचुनाव है उनमें से 5 सीटों पर तो कांग्रेस का कब्जा था। इन सीटों पर एक कांग्रेसी विधायक का निधन हो गया तो बाकी 4 सीटों पर विधायक सांसद निर्वाचित हो गए है वहीं एक चौरासी विधानसभा सीट पर भारत आदिवासी पार्टी के विधायक राजकुमार रोत के सांसद निर्वाचित होने रिक्त हुई है।

प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी ने बताया कि कैसे वो प्रदेश की 7 विधानसभा सीटों पर जीत को लेकर रणनीति तैयार कर रहे है। सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि हम इस बार माइक्रो मैनजमेंट करेंगे। जिसके आधार मतदान का प्रतिशत बढ़वाने की कोशिश होगी ताकि पिछले चुनावों की अपेक्षा हमारा वोट प्रतिशत बढ़े।
सैनी ने स्वीकार करते हुए कहा कि पिछले चुनावों में हमारा वोट प्रतिशत कम रहा था, 2023 और 2024 के चुनावों में हम कुछ जगह पिछड़ गए थे। 6 विधानसभा सीटों पर हम कुछ ज्यादा पिछड़े थे, लेकिन अब हमारा बूथ को मजबूत करने पर पूरा फोकस रहेगा।
सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि हम इस प्रभावशाली लोगों के बीच बैठकर मतदान करवाएंगे और जीत भी हासिल करेंगे। वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी ने कांग्रेस पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भय और भ्रष्टाचार फैलाया गया।
कांग्रेस के शासनकाल में प्रदेश में अराजकता हुई। बालिकाओं के साथ दुष्कर्म हुए। सरकार 5 स्टार होटल में आनंद करती रही और कोरोना में लोग मरते रहे। इन सभी बातों को आम जनता जान चुकी है। इसी लिए जनता ने कांग्रेस की सरकार को बदला और प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी ने देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर जातिगत समीकरणों को लेकर बड़ी बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि मेरा यह मानना है कि किसी भी समाज विशेष पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
संविधान में सभी को यह अधिकार दिया गया है कि जो भी पात्रताधारी व्यक्ति है उसे हम प्रत्याशी बनाएंगे, एक मिथक जो बना हआ है, लोगों में एक धारणा बनी हुई है। जैसे एमपी चुनावों में कास्ट कांस्टूशन बदल गई और आमजनता को भ्रमित कर उन लोगों ने वोट ले लिए।
इसी प्रकार यहां भी यह लोग भ्रमित कर रहे है,ऐसा कोई नहीं कह सकता है कि हम किसी जाति विशेष को प्रोत्साहन करेंगे। जो भी सर्वे के आधार पर जीत सकता है, अन्य समाजों को जो जोड़ सकता है, एक समाज के भरोसे कोई भी राजनीतिक चुनाव नहीं जीत सकते है।












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