Rajasthan: राधामोहन दास ने देश के बंटवारे और दंगों को लेकर यह क्या कह दिया ? कांग्रेस का बता दिया इतिहास
Rajasthan News: भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने आज कुछ ऐसा बोला कि पूरे देश का सियासी पारा हाई हो गया है।
राधामोहन दास ने आज राजस्थान के टोंक में कांग्रेस के नेताओं और उनकी पार्टी के इतिहास के पन्ने कुरेद दिए। मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश के बंटवारे को लेकर मुस्लिम लीग के साथ नेहरू और राजीव गांधी ने राजनीति की।
राधामोहन दास ने स्पष्ट शब्दों में सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि मैं तो उस मुस्लिम लीग के नेता का नाम तक नहीं लेना चाहता जिसे खुद कैंसर था। सब जानते थे कि 6 महीने में मर जाएगा।

लेकिन कोई यह नहीं चाहता था कि देश का बंटवारा हो, बहुत सारे लोगों ने कहा था कि आजादी 6 महीने बाद मिल जाएगी तो कौनसा बुरा हो जाएगा। अगर मुस्लिम लीग का वो नेता मर गया होता तो आज देश का बंटवारा नहीं हुआ होता।
राधामोहन ने बताया कांग्रेस का इतिहास pic.twitter.com/N3lsIrhEIm
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) August 23, 2024
राधामोहन दास ने कहा कि नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक सबकों सिर्फ प्रधानमंत्री की कुर्सी की भूख थी। कुर्सी की ऐसी भूख थी कि सब मर जाए लेकिन उनकी लाशों पर बैठकर प्रधानमंत्री बनना था।
प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए महिलाओं तक के ब्लात्कार करवा दिए। लाशों से ट्रैन भरकर पाकिस्तान से भारत ले आए। बस इनकों तो प्रधानमंत्री की कुर्सी की भूख थी।
राधामोहन दास ने तो यहां तक कहा कि पाकिस्तान ने चढ़कर हमारी सीमाओं पर कब्जा कर लिया, तिब्बत को चीन ने हड़प लिया लेकिन प्रधानमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए इन्होने सब कुछ कर दिया।
राधामोहन दास ने 1984 के सिख दंगों को लेकर भी राजीव गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होने कहा कि 1984 का दंगा सिखों के खिलाफ, हिंदु और सिख समाज को लड़ाने का षड़यंत्र भी राजीव गांधी ने ही किया था।
आज की राहुल गांधी की पार्टी उसी नेशनल कांफ्रेंस से समझौता करके बैठी हुई है जो नेशनल कांफ्रेस यह कहती है कि कि हम कश्मीर के चुनावों में सत्ता में आ गए तो धारा 370 बंद कर देंगे और कश्मीर को 1953 की पहले वाली स्थिति में ले आएंगे। जब इस देश में दो प्रधान, दो निशान था ।
उनका तो पूरा इतिहास है, मुस्लिम लीग के साथ समझौता करके वो चुनाव लड़ते है। पीएफआई को केरल औऱ कर्नाटक में पालने और पोसने का काम कांग्रेसी करते है।
इनका तो पूरा इतिहास दंगे कराने का है। जब वो देख लिए कि हम सब कुछ करके भी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोक नहीं पाए तो अब देश में जातिय दंगे करवा रहे है। जनता बहुत समझदार है। अब यह नंगे हो चुके है जनता इनकों जिताने वाली नहीं है।












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