Bhilwara Lok Sabha Seat: सुभाष बहेड़िया की कहानी राहुल कस्वां जैसी, इस वजह से अटकी BJP की टिकट
Subhash Bahedia Bhilwara Lok Sabha Seat: लोकसभा चुनाव में राजस्थान की भीलवाड़ा सीट के नाम दो अनूठे रिकॉर्ड हो गए है। पहला ये कि साल 2019 के चुनाव में भाजपा को सबसे बड़ी जीत इसी सीट पर मिली थी। दूसरा ये कि लोकसभा चुनाव 2024 में सबसे आखिर में उम्मीदवार भी इसी सीट पर उतारा जा रहा है।
दरअसल, राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें हैं। भारतीय जनता पाटी ने भीलवाड़ा को छोड़कर शेष सभी 24 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए। यहां पर भाजपा की टिकट दावेदारी जताने वाले सुभाष बहेड़िया लगातार दो बार के सांसद हैं।

भीलवाड़ा सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 में सुभाष बहेड़िया ने कांग्रेस के रामपाल शर्मा को 6 लाख 11 हजार 460 वोटों से हराया था। सुभाष बहेड़िया की यह जीत राजस्थान की सभी सीटों पर ही बल्कि पीएम मोदी की वाराणसी सीट पर जीत से भी बड़ी थी। मोदी 4.75 लाख मतों के अंतर से जीते थे।
राजस्थान में सर्वाधिक मार्जिन से जीती भीलवाड़ा सीट पर भाजपा उम्मीदवार घोषित नहीं होने की कई वजह बताई जा रही है। एक ये भी चर्चा है कि सुभाष बहेड़िया की कहानी चूरू से सांसद राहुल कस्वां जैसी है। राहुल कस्वां पर भी आरोप लगे थे कि विधानसभा चुनाव में तारानगर से प्रत्याशी राजेंद्र राठौड़ को उन्होंने साथ दिया।
इसी तरह से सुभाष बहेड़िया पर आरोप है कि विधानसभा चुनाव में विट्ठल शंकर अवस्थी का साथ नहीं दिया। निर्दलीय अशोक कुमार कोठरी चुनाव जीत गए थे।
भीलवाड़ा विधानसभा चुनाव 2023 की आरएएस व भाजपा पदाधिकारियों वाली सियासी खींचतान अब लोकसभा चुनाव में भी दिखाई दे रही है। हालांकि कई लोग यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस भीलवाड़ा में प्रत्याशी बदल सकती है कि ऐसे में सियासी समीकरणों को साधने के लिए भाजपा ने अभी तक अपना उम्मीदवार नहीं उतारा।












Click it and Unblock the Notifications