VIDEO : गरीब परिवार की लड़की बनी इंटरनेशनल खिलाड़ी, युवाओं के लिए प्रेरणादायक है इसकी स्टोरी
Bharatpur News, भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर की 23 वर्षीय प्रियंका शर्मा का एशियन सॉफ्ट बॉल टूर्नामेंट के लिए चयन हुआ है। प्रियंका इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 1 से 7 मई के बीच होने प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। 21 अप्रैल को दिल्ली में अंतिम प्रशिक्षण लेगी। इसके बाद अपनी टीम के साथ जकार्ता के लिए रवाना हो जाएगी।

एक लाख तीस हजार रुपए की दरकार
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है जबकि प्रियंका को जकार्ता जाने के लिए कम से कम 1 लाख 30 हजार रुपए की दरकार है। यह राशि उसे इंडियन सॉफ्ट बॉल एसोसिएशन को जमा करानी होगी। प्रियंका के पिता बाल कृष्ण शर्मा पहले मजदूरी करते थे, मगर वर्तमान में कोई काम करते हैं। मां लाजवंती गृहणी हैं। बाल कृष्ण शर्मा और लाजवंती बेटी को विदेश भेजने के लिए पैसे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। दोनों को चिंता सता रही है कि पैसों की कमी के कारण उनकी होनहार बेटी विदेश में खेलने का ख्वाब अधूरा ना रह जाए।

जिला स्तर पर रही थी प्रथम
प्रियंका शर्मा ने भूगोल विषय में रामेश्वरी देवी महिला कॉलेज से एमए किया है। सबसे पहले प्रियंका ने जिला और फिर प्रदेश स्तर पर आयोजित सॉफ्ट बॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। दोनों ही जगहों पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
जनवरी 2019 में महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित सॉफ्ट बॉल टूर्नामेंट में प्रियंका का सिलेक्शन हुआ। इसमें प्रियंका के साथ देश की 17 अन्य लड़कियों का भी एशियन सॉफ्ट बॉल टूर्नामेंट के लिए चयन हुआ है।

सरकार को करनी चाहिए मदद
प्रियंका का कहना है कि सरकार को खिलाड़ियों की आर्थिक मदद करनी चाहिए, जिससे देश की कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी में दम नहीं तोड़े। मेरे लिए तो अभी तक किसी ने कोई आर्थिक सहायता नहीं दी है, लेकिन पिता मजदूर व बुजुर्ग होने के बावजूद काफी कुछ कर रहे हैं, जिससे में अपनी प्रतिभा को विश्व पटल पर दिखा सकूं। प्रियंका के कोच अभिषेक पवार ने बताया कि प्रियंका शर्मा एक प्रतिभावान खिलाड़ी है, लेकिन आर्थिक हालत से जूझ रही है। उम्मीद है की सरकार उसकी मदद करेगी।












Click it and Unblock the Notifications