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मिसाल : कॉलेज छात्रा नीतू शहर जाकर बेच रही 40 लीटर दूध, 3 बहनों की करवाई शादी

By कपिल चीमा
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भरतपुर। 8 मार्च 2020 को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया और महिलाओं के बुलंद हौसलों की कई कहानियां पढ़ने व सुनने को मिली। उन्हीं में से एक है नीतू। राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव भांडोर की नीतू कॉलेज छात्रा है। रोजाना मोपेड से शहर जाकर 40 लीटर दूध बेचकर तीन बहनों की शादी करवाई है।

बेटे की तरह दे रही पिता का साथ

बेटे की तरह दे रही पिता का साथ

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण नीतू अपने पिता का साथ किसी बेटे की तरह दे रही है। नीतू घर में सबसे छोटी है, लेकिन किसी बड़े बेटे की तरह ​घर की जिम्मेदारियों को खुद के कंधों पर उठा रखा है। नीतू की जिंदगी मिसाल है, क्योंकि जिस उम्र में बच्चों को दुनियादारी की समझ नहीं होती उस उम्र में नीतू अपने घर की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही है।

 पिता करते हैं प्राइवेट नौकरी

पिता करते हैं प्राइवेट नौकरी

दरअसल, नीतू के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। नीतू समेत पांच बहन और एक भाई है। ऐसे में नीतू के पिता को घर चलाना मुश्किल हो रहा था,लेकिन जब नीतू ने देखा कि घर की जरूरत ज्यादा है और उतनी आमदनी नहीं है तो उसने घर की जिम्मेदारियों को अपने कंधों पर उठा लिया।

 सात साल पहले शुरू किया दूध बेचना

सात साल पहले शुरू किया दूध बेचना

करीब 07 साल पहले दूध बेचना शुरू किया, जो आज भी जारी है। नीतू ने पहले एक साइकिल खरीदी और फिर गांव के घरों में जाकर दूध खरीदना शुरू किया। उस दूध को साइकिल के जरिए शहरी क्षेत्र व अन्य गांवों में लाकर बेचना शुरू किया। कुछ साल तक नीतू साइकिल से ही इस काम को जारी रखा, लेकिन बाद में नीतू ने एक स्कूटी ले ली। अब नीतू वहीं काम स्कूटी से करती है।

 एमए की पढ़ाई कर रही नीतू

एमए की पढ़ाई कर रही नीतू

साथ ही नीतू ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। नीतू एमए की पढ़ाई कर रही है। नीतू से जब वन इंडिया हिंदी की टीम ने बात की तो उसने बताया कि उसके पिता के सामने आर्थिक संकट की वजह से उसने दूध बेचने का काम शुरू किया। वह 07 साल से यह काम कर रही है।

 छोटे भाई को पढ़ा रही

छोटे भाई को पढ़ा रही

नीतू ने इस कदर घर की जिम्मेदारियों को उठाया कि उसने अपनी 03 बहनों की शादी करवाई। इसके अलावा नीतू अपने छोटे भाई की पढ़ाई में सहायता करती है। नीतू की माँ बीमार रहती है तो वह अपने काम से फ्री होकर अपनी माँ की घर के कामों में भी मदद करती है।

 सुबह चार बजे उठती है नीतू

सुबह चार बजे उठती है नीतू

नीतू ने बताया कि वह सुबह 04 बजे उठती है और फिर अपने गांव से दूसरे गांव में जाकर दूध खरीदती है। फिर वह दूध भरतपुर लेकर आती है। घर घर जाकर दूध बेचती है। करीब 08 बजे तक अपने गांव वापस लौट जाती है। इसके बाद वह अपनी माँ के साथ घर के काम में उनकी मदद करती है। 11 बजे कॉलेज जाती है। इस तरह उसका पूरा दिन सिर्फ घर के लिए ही निकल जाता है।

टीचर बनना चाहती है नीतू

टीचर बनना चाहती है नीतू

नीतू का सपना है कि वह पढ़ लिखकर एक अध्यापिका बने। नीतू एक लड़की होकर बेटे की तरह फर्ज निभा रही है। नीतू के परिजनों को भी नीतू पर गर्व है कि वह घर की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा रही है। नीतू से मंत्री सुभाष गर्ग, जिला कलेक्टर भी मिल चुके हैं। उन्होने नीतू के बारे में जानकर उसकी जमकर तारिफ की और साथ ही आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।

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English summary
Bharatpur Girl Neetu selling Milk for Help Her Father
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