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Rajasthan: डेढ़ करोड़ रुपए पास होने के बावजूद भीख मांग रहा था अमित कस्‍वां, रात में भिखारियों के बीच सोता रहा

राजस्‍थान के चूरू में ABVP के पूर्व नगर मंत्री की डंडों व सरियों से पीट-पीटकर हत्या और जयपुर में 1.50 करोड़ रुपए की लूट में शामिल एक संदिग्ध को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र में हुई, जहां आरोपी छिपा हुआ था। उसकी गिरफ्तारी पर 15,000 रुपए का इनाम घोषित था। पकड़े जाने से बचने के लिए संदिग्ध ने पुष्कर और मुंबई में भीख मांगना शुरू कर दिया था, ताकि शक के दायरे से बचकर भिखारियों के साथ घुल-मिल जाए।

अपराध का विवरण

डीएसपी सुनील झाझड़िया ने बताया कि 28 वर्षीय नरेंद्र प्रजापत की 1 नवंबर को डाबला गांव के पास हत्या कर दी गई थी। पुरानी रंजिश के चलते अमित कस्वां उर्फ ​​मितला, शुभम ढाका और हितेश कुमावत ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। नरेंद्र के चाचा ने हत्या का मामला दर्ज करने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए व्यापक उपाय किए। उन्होंने कई स्थानों पर छापे मारे और करीब 400 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस प्रयास के परिणामस्वरूप एक रूट मैप तैयार हुआ, जिसके परिणामस्वरूप संदिग्ध को पकड़ लिया गया। इस दौरान आरोपी ने चालाकी से खुद को भिखारी का भेष बना लिया।

गिरफ्तारी और जांच

साइबर सेल और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर अमित कस्‍वां उर्फ ​​मितला को महाराष्ट्र के भिवंडी से गिरफ्तार किया गया। उसे शुक्रवार को चूरू लाया गया, ताकि शुभम ढाका के बारे में आगे की पूछताछ की जा सके, जो अभी भी फरार है। इससे पहले हितेश कुमावत को 11 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

मुख्य संदिग्ध जयपुर में हुई 1 करोड़ 47 लाख की लूट के एक बड़े मामले से भी जुड़ा हुआ है। उस घटना के बाद से ही वह गिरफ्तारी से बचता रहा और इस दौरान फतेहपुर में छिपता रहा। डीएसपी झाझरिया ने बताया कि उसके खिलाफ करीब 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई मामले फरार चल रहे हैं।

पकड़ से बचने के प्रयास

पुलिस की नजरों से बचने के लिए अमित कस्‍वां पुष्कर मेले में भिखारियों के बीच रहने लगा और बाद में मुंबई चला गया। वहां भी वह भीख मांगता रहा और रात में भिखारियों के बीच सोता रहा ताकि किसी की नजर में न आए। उसकी रणनीति का उद्देश्य पुलिस के संदेह को अपने ऊपर से हटाना था।

आरोपी को पकड़ने के लिए एसएचओ बलवंत सिंह के नेतृत्व में एक समर्पित टीम बनाई गई। उन्होंने जयपुर, सीकर, फतेहपुर, जोधपुर और नागौर सहित विभिन्न स्थानों पर छापे मारे। सीसीटीवी फुटेज के सावधानीपूर्वक विश्लेषण के माध्यम से संदिग्ध की गतिविधियों को एक साथ जोड़ने में उनके प्रयासों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जांच जारी है और अधिकारी नरेंद्र प्रजापत के परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करते हुए शुभम ढाका के ठिकाने के बारे में और जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

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