राहुल गांधी के दौरे के बीच किसानों पर पहरा ,नवा रायपुर रास्तों को किया गया सील
रायपुर, 03फरवरी। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम मद्देनजर नवा रायपुर के किसानों को उन्ही के गांव में रोक दिया गया है। एक महीने से जमीन पर मुआवजे की मांग और बेहतर पुनर्वास पैकेज की मांग कर रहे 42 गांव के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिखकर राहुल गांधी से मुलाकात कराये जाने की मांग की थी। किसानो ने ऐलान किया था कि उन्हें राहुल गांधी से मिलवाने के लिए शासन पहल नहीं करता है ,तो वह हजारों की तादाद में नवा रायपुर की सड़कों पर बैठ जायेंगे ,इतना ही नही राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल ,साइंस कॉलेज मैदान तक रैली भी निकालेंगे।

बहरहाल राहुल गांधी का नवा रायपुर में सेवाग्राम का भी शिलान्यास करने का कार्यक्रम है.लिहाजा नवा रायपुर के सभी गांवों को कार्यक्रम स्थल को जोड़ने वाले रास्ते बेरिकेट लगाकर सील कर दिए गए है। नवा रायपुर में आन्दोलन कर रहे किसानो ने एक वीडियो जारी करते हुए बताने का प्रयास किया है कि कैसे उनके गांव सील कर दिए गए है और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान नेता वैगेन्द्र सोनबेर ने बताया कि कल बुधवार रात को रायपुर जिले के कलेक्टर सौरभ कुमार ने किसानो से मिलकर राहुल गांधी के प्रवास के दौरान विरोध दर्ज ना कराने की अपील थी ,लेकिन 1 महीने से आंदोलन कर रहे किसानों ने अपनी मांग पर बने रहने का फैसला लिया।सोनबेर ने बताया कि किसानो ने यह फैसला भी लिया है कि वह सरकार से संवाद के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी के अलावा सिर्फ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ही वार्ता करेंगे।
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पहले ही दी थे चेतावनी
गौरतलब है कि नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति की तरफ से पूर्व में जारी बयान में बताया गया था कि शासन को समिति की तरफ से पत्र भेजा गया है, सरकार अगर किसानों के प्रतिनिधि मंडल की राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करवाती है, तो इससे राज्य सरकार की नीति, नीयत, न्याय की मंशा स्पष्ट हो जाएगी कि वह नवा रायपुर प्रभावितों के "हित" में है या "अहित" में है। किसान नेताओं ने कहा था कि राहुल गांधी के दौरे के समय नवा रायपुर में सभी प्रभावित गावों के किसान परिवार अपने - अपने घरों से निकल कर नवा रायपुर के रोड में बैठ जायेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।
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क्या है किसानो की मांग?
गौरतलब है की दिल्ली में हुए किसान आंदोलन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में भी 42 गांव के किसानों ने आंदोलन छेड़ रखा है। करीब 5000 किसान छत्तीसगढ़ सरकार से नया रायपुर के निर्माण के लिए किसानों से ली गई जमीन का बचे हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। राज्य गठन के बाद 27 गांव की जमीन लेकर नवा रायपुर (नया रायपुर) इलाका विकसित किया गया था। किसान चाहते हैं कि किसानों को जमीन पर चार गुना मुआवजा दिया जाए, हर प्रभावित परिवार को 1200 वर्ग फीट की विकसित जमीन देने के साथ किसान परिवारों के एक बेरोजगार वयस्क को रोजगार दिया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भी एक बड़ा आंदोलन किया जा चुका था, जिसका समर्थन कांग्रेस ने किया था। अब किसान यह वादा सरकार को याद दिला रहे हैं।












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