deepawali 2022: माता कौशल्या का धाम हुआ दीयों से रोशन, छत्तीसगढ़ है भगवान श्रीराम का ननिहाल

छत्तीसगढ़ को भगवान श्री राम का ननिहाल कहा जाता है. माता कौशल्या का मायका और भगवान राम के ननिहाल चंदखुरी धाम को रविवार को दीपावली की पूर्व संध्या व रूप चौदस के मौके पर 31 हजार दीयों से रोशन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघे

Deepotsav 2022: छत्तीसगढ़ को भगवान श्री राम का ननिहाल कहा जाता है. माता कौशल्या का मायका और भगवान राम के ननिहाल चंदखुरी धाम को रविवार को दीपावली की पूर्व संध्या व रूप चौदस के मौके पर 31 हजार दीयों से रोशन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राम वन गमन परिपथ के चिन्हित स्थलों से मे माता कौशल्या माता मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां रायपुर समेत अनेक जिलों से राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य यहां दीप दान के लिए पहुंचे थे।

कौशल्या मंदिर प्रांगण को किया गया 31 हजार दीयों से रोशन

कौशल्या मंदिर प्रांगण को किया गया 31 हजार दीयों से रोशन

दीप दान से पूर्व राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों ने पहले माता कौशल्या धाम चंदखुरी में मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। फिर रंगोली व फूलों से परिसर को सजाया। वहीं संध्या बेला में माता कौशल्या मंदिर प्रांगण को 31 हजार दीयों से रोशन किया गया। दीयों की सजावट से ही 'जय सिया राम' उकेरा गया। दीप दान के पश्चात रंग-बिरंगे पटाखों से आतिशबाजी कर चंदखुरी के आसमान को जगमग किया गया। इस दौरान विधायक देवेन्द्र यादव विशेष रूप से मौजूद रहे।

भगवान राम का ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध है चंदखुरी

भगवान राम का ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध है चंदखुरी


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे चंदखुरी को माता कौशल्या की जन्मभूमि माना जाता है। इस लिहाज से चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध है। भगवान राम ने अपने बाल्यपन का काफी समय भी अपने ननिहाल में बिताया है। वहीं वनवास के 14 वर्ष में से लगभग 10 वर्ष की अवधि वे छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान राम की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने और उन स्थलों के धार्मिक महत्व को समझते हुए उन्हें धर्मस्थल के साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया है।

भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है 9 स्थलों को

भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है 9 स्थलों को

इसके लिए राम वन पथ गमन मार्ग के कुल 75 स्थलों का चयन किया गया है, जिसमें से प्रथम चरण में 9 स्थलों को भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत माता कौशल्या धाम से की गई है। मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर ही विश्व में एकमात्र माता कौशल्या के मंदिर का जीर्णोद्धार व आकर्षक सौंदर्यीकरण कराया गया है। दूसरे स्थल के रूप में माता शबरी की नगरी शिवरीनारायण को भी विकसित किया जा चुका है।

दीपोत्सव मनाया

दीपोत्सव मनाया

दीपावली की पूर्व संध्या पर विधायक देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में राजीव युवा मितान क्लब के लगभग 200 सदस्यों ने माता कौशल्या धाम चंदखुरी स्थित मंदिर प्रांगण में सफाई के बाद 31 हजार दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया। इस दौरान भव्य आतिशबाजी भी की गई। दीप दान के लिए चंदखुरी समेत आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान आर.पी. सिंह, राजीव युवा मितान क्लब के जिला समन्वयक सुमित साव, रोमा भारद्वाज, अंकित बागबाहरा, आशीष चंद्राकर समेत सभी क्लब समन्वय व 200 की संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

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