कौन हैं ओपी सोनी, जिन्हें पंजाब में डिप्टी सीएम बनाकर कांग्रेस ने फिर चौंकाया
चंडीगढ़, 20 सितंबर: कांग्रेस ने पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी को पहला दलित मुख्यमंत्री बनाने के बाद ओम प्रकाश सोनी को दूसरा उपमुख्यमंत्री बनाकर एकबार फिर चौंका दिया है। ओपी सोनी पांच बार के विधायक हैं और अमृतसर सेंट्रल विधानसभा सीट से चुनाव जीतते रहे हैं। पिछले मुख्यमंत्री से उनकी खटपट तब शुरू हुई थी, जब कैप्टन ने उनका विभाग बदल दिया था। बहरहाल, चन्नी ने भी उन्हें वही सारे विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है, जो अभी उनके पास थी। सोनी पिछला चुनाव भाजपा उम्मीदवार को हराकर जीते थे। वे अमृतसर के पहले मेयर भी रह चुके हैं।

पांच बार के विधायक हैं ओपी सोनी
पंजाब के नए उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी पूर्व के कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के कैबिनेट मंत्री थे। नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में भी उन्हें चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान, स्वतंत्रता सेनानी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। 2017 के विधानसभा चुनाव में वे अमृतसर सेंट्रल सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। 3 जुलाई, 1957 को अमृतसर के भिल्लोवाल में जन्मे ओम प्रकाश सोनी पेशे से खुद को किसान बताते हैं। शैक्षणिक तौर पर वे अंडर ग्रैजुएट हैं और गरीबों की तरक्की और सबको न्याय दिलाने में खुद की दिलचस्पी बताते हैं।
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18 दिन तक नहीं संभाला था कार्यभार
इससे पहले 6 जून, 2019 को लोकसभा चुनावों के बाद जब कैप्टन अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल में फेरबदल किया गया था, तो ओपी सोनी ने 18 दिनों बाद चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च, स्वतंत्रता सेनानी और खाद्य प्रसंस्करण विभागों का कार्यभार संभाला था। दरअसर मुख्यमंत्री ने उनसे स्कूली शिक्षा विभाग वापस ले लिया था और बताया जाता है कि उससे वे नाराज हो गए थे। उसी की वजह से उन्होंने नए विभागों का कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया था। तब उनका दावा था कि उनके कार्यकाल में स्कूली शिक्षा बेहतर हुई है और पार्टी ने लोकसभा चुनावों में उनके चुनाव क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसी को लेकर उनका सवाल था कि उन्हें पुरस्कृत किए जाने के बदले सजा क्यों दी गई है।

अमृतसर के पहले मेयर बने थे ओपी सोनी
पंजाब विधानसभा के पांच बार के विधायक रहे ओपी सोनी 1997, 2002, 2007, 2012 और 2017 में चुनाव जीत चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में सोनी ने अमृतसर सेंट्रल सीट से भाजपा के तरुण चुग को 21 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। वे 1991 में अमृतसर के पहले मेयर बने थे। वे पंजाब कांग्रेस पब्लिक कमिटी के महासचिव और दो वर्ष तक ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे विधानसभा में पब्लिक अकाउंट कमिटी के सदस्य और 2017-18 में पंजाब विधानसभा के लोकल बॉडीज और कमिटी ऑन पब्लिक अंडरटेकिंग्स के भी चेयरमैन रह चुके हैं।

कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं ओपी सोनी ?
अमृतसर के स्थायी निवासी सोनी का एक बेटा है और उनकी पत्नी का नाम सुमन सोनी है। ओपी सोनी जगत मित्तर सोनी और स्वर्गीय प्रेम सोनी के पुत्र हैं। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में दिए गए चुनावी हलफनामे में ओम प्रकाश सोनी ने अपनी कुल चल संपत्ति 48,56,492 रुपये और अपनी पत्नी की कुल चल संपत्ति 56,09,414 रुपये बताई थी। इसके अलावा उनके पास कुल अचल संपत्ति तब 11,74,00,000 रुपये की थी और उनकी पत्नी के पास 5,50,00,000 रुपये की कुल अचल संपत्ति थी।












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