कृषि कानून वापस लेने के बाद BJP-SAD गठबंधन की संभावनाओं पर क्या बोले बादल ?
चंडीगढ़, 18 नवंबर: शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने कृषि कानूनों के मुद्दे पर ही भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया था। अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों विवादास्पद कानूनों को वापस ले लेने की घोषणा कर दी है तो पंजाब विधानसभा चुनाव में अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर एक बार फिर से अटकलें लगनी शुरू हैं। अकाली दल की नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि उन '800 किसानों' को नहीं भुलाया जा सकता, जिन्होंने इन कानूनों की वापसी के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है। जबकि उनके पति और अकाली दल चीफ सुखबीर सिंह बादल ने जान गंवाने वाले किसानों की संख्या '700' बताते हुए कहा है कि उन्होंने संसद में प्रधानमंत्री मोदी से भी कहा था कि देश के किसान इन काले कानूनों को नहीं मानते। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन पर भी पार्टी का रुख साफ कर दिया है।

'800 किसानों को याद करने का दिन'
अकाली दल की नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि 'निश्चित रूप से आज का दिन इतिहास में दर्ज हो जाएगा। निश्चित रूप से आज उन 800 किसानों को याद करने का दिन है, जिन्होंने इन विधेयकों को वापस लेने के लिए अपनी जानों का बलिदान दिया है। हम उन्हें कभी नहीं भुला सकते। हम उनको और उनके परिवार वालों को कभी भी इसकी क्षतिपूर्ति नहीं कर सकते।'
भाजपा के साथ गठबंधन नहीं- बादल
उधर सुखबीर सिंह बादल बोले कि "700 जानें चली गई हैं, शहादतें हो गई हैं...यही बात हमने पार्लियामेंट में कहा था...मैंने भी बोला था प्रधानमंत्री जी को कि आपने जो काले कानून बनाए हैं ये देश के किसान नहीं मानते। आप मत कानून लेकर आएं। जो हमने बात कही थी वो सच हुई। "जब उनसे सवाल किया गया कि क्या "अब अकाली दल बीजेपी के साथ दिखाई दे सकता है?" तो उन्होंने साफ कह दिया कि "नहीं।"
इससे पहले पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा-
मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रही होगी, जिसके कारण दिये के प्रकाश जैसा सत्य खुद किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए। आज गुरु नानक देव जी का पवित्र प्रकाश पर्व है....... ये समय किसी को भी दोष देने का नहीं है...... आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का, रिपील करने का निर्णय लिया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को रिपील करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री












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