पंजाब: संयुक्त किसान मोर्चा में पड़ रही फूंट, गुरनाम सिंह चढूनी ने लगाए ये गम्भीर आरोप, जानिए पूरा मामला
संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा गुट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूंनी ने पंजाब के किसान नेताओं के एक वर्ग पर गम्भीर आरोप लगाए।
चंडीगढ़, 18 नवम्बर, 2021। केद्र सरकार के फ़ैसले के खिलाफ़ करीब 1 साल से पूरे देश के किसान आंदोलन कर रहे हैं। 26 नवम्बर को किसान आंदोलन की पहली वर्षगांठ है लेकिन ठीक इससे कुछ दिन पहले संयुक्त किसान मोर्चा के अंदर फूंट की खबर सामने आ रही है। ग़ौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा किसान संघों का नेतृत्व करता है। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा गुट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूंनी ने पंजाब के किसान नेताओं के एक वर्ग पर गम्भीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान नेताओं का एक वर्ग झूठ बोल रहा है और विश्वासघात भी कर रहा है। इन नेताओं द्वारा झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।

चढूनी ने लगाए गम्भीर आरोप
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसान संघों की एसकेएम इकाई ने हरियाणा में एक साल पहले मुझे अपना नेता चुना था। लेकिन अब पंजाब के नेताओं के एक वर्ग ने हरियाणा में एक नकली संयुक्त किसान मोर्चा गुट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में मेरे बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता से पंजाब के कुछ किसान नेता बौखला गए हैं। 'गुरनाम सिंह चढ़ूंनी ने भी किसानों का आंदोलन शुरू हुए एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 25 नवंबर को अंबाला से दिल्ली तक मार्च निकालने का अपना आह्वान वापस ले लिया। साथ ही उन्होंने कहा जिस दिन अन्य लोग चाहेंगे मैं उस दिन दिल्ली तक मार्च करने के आह्वान का समर्थन करूंगा। एक वीडियो संदेश में, उन्होंने कहा कि वह खुद को न्योछावर करने के लिए तैयार हैं। यहां तक कि किसान आंदोलन के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया है।

प्रत्याशी की घोषणा
गुरनाम सिंह चढ़ूंनी ने कहा कि इस आंदोलन के नेताओं को देखकर दुख होता है, जिसमें लगभग 700 किसान शहीद हुए हैं। ये मेरा मुकाबला करने के लिए क्षुद्र राजनीति कर रहे हैं। इस बीच, बुधवार को पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य के एसकेएम नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी की। सीएम ने उनकी मांगों की सूची सुनी। उन्होंने पंजाब पुलिस द्वारा विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के आदेश भी दिए। चुनावी रण में किसान नेता चढ़ूनी भी दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं।वह पहले ही अपनी पार्टी बनाने पर विचार करने बात कह चुके हैं। इसी कड़ी में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र फतेहगढ़ साहिब से हाल ही में अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है।

संयुक्त किसान मोर्चा नाराज़
संयुक्त किसान मोर्चा गुरनाम सिंह चढ़ूनी के इस फ़ैसले से नाराज़ है। ग़ौरलतब है कि चढूनी पहले ही मिशन पंजाब 2022 की घोषणा कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने अपनी सियासी पार्टी बनाने की भी बात कही है।2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के बीच आने वाले दिनों में लड़ाई खुलकर सामने आ सकती है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चढ़ूनी के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह मोर्चे को नुकसान पहुंचाने कोशिश है। यह हमारी लाइन नहीं है और कई बार इस विषय पर चर्चा हो चुकी है। लेकिन, जो इंसान अपने ही मोर्चे की बात को मानने को तैयार नहीं हो तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चढूनी को पहले भी निलंबित किया जा चुका है। गुरनाम सिंह चढूनी ने जिसे भी उम्मीदवार बनाया है उसके साथ संयुक्त किसान मोर्चा का कोई लेना देना नहीं है।
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