पंजाब: बाजवा के कांग्रेस छोड़ने को सुनील जाखड़ ने बताया चिंताजनक, कहा- कुछ तो मजबूरियां होंगी...
नई दिल्ली, 29 दिसंबर: पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पहले नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच विवाद चलता रहता था। जिसके चलते कैप्टन ने कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी खड़ी कर ली। इसके बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि अब कांग्रेस नेता मिलकर पार्टी को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन मंगलवार को उसे एक बड़ा झटका लगा। कांग्रेस विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा और श्री हरगोबिंदपुर से कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह लाडी ने बीजेपी का दामन थाम लिया। इस पर अब पंजाब कांग्रेस के नेता और प्रचार समिति के अध्यक्ष सुनील जाखड़ की प्रतिक्रिया सामने आई है।

जाखड़ ने कहा कि ये चिंता का विषय है, फतेज सिंह बाजवा ने सही फैसला नहीं लिया। पंजाब में बीजेपी का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजवा की कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, कोई इतना बेवकूफ नहीं होता। फिलहाल बाजवा ही कांग्रेस को छोड़ने की वजह बता सकते हैं। वहीं सीएम फेस को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने 2017 को छोड़कर कभी भी विधानसभा चुनावों से पहले सीएम चेहरे का ऐलान नहीं किया है। 2017 सिर्फ अपवाद था। अभी पार्टी किसी के नाम का ऐलान नहीं करेगी और कांग्रेस के संयुक्त नेतृत्व में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
जाखड़ भी थे नाराज
जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ी, तो चन्नी को सीएम की कुर्सी मिली। इसके अलावा सिद्धू का भी कद पार्टी में बढ़ गया। इसके बाद जाखड़ ने भी अपने बगावती तेवर पार्टी को दिखाए थे। साथ ही कई मसलों पर उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दे डाली। हालांकि हाईकमान उन्हें मनाने में कामयाब रहा। इसके अलावा हाल ही में उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
सिद्धू ने की थी मांग
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी हाईकमान से राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग की थी। बिना सीएम फेस के चुनाव में जाने को उन्होंने 'बिना दूल्हे की बारात' कहा था। सिद्धू के मुताबिक पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा। ऐसे में अगर बिना सीएम कैंडिडेट के नाम का ऐलान किए कांग्रेस इलेक्शन में गई तो नुकसान उठा सकती है।












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