पंजाब: रोडवेज़ कर्मियों की हड़ताल जारी, नोटिस जारी होने के बावजूद काम पर नहीं लौटे कर्मचारी
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कई संगठन अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के कच्चे मुलाजिम भी पक्का करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
चंडीगढ़: सितंबर 9, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कई संगठन अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के कच्चे मुलाजिम भी पक्का करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस बाबत रोडवेज कर्मी ने बुधवार को सरकार के साथ बैठक की लेकिन मसले का हल नहीं निकला। रोडवेज़ कर्मियों ने सीएम के मुख्य सलाहकार सुरेश कुमार की पहले हड़ताल ख़त्म करने की शर्त को मानने से इनकार दिया। वहीं रोडवेज़ कर्मियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।

नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के प्रदेश भर में 2000 के करीब हड़ताली ठेका मुलाजिमों को कॉरपोरेशन मैनेजमेंट ने बुधवार को नोटिस जारी कर दिया। इस नोटिस के माध्यम से हड़ताली मुलाजिमों को गुरुवार से काम पर लौटने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उनका ठेका रद्द करने की चेतावनी दी गई है। पीआरटीसी के ठेका व आउटसोर्स मुलाजिम नियमित करने की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण अधिकतर बसें डिपो पर खड़ी हैं और सवारियों को परेशानी हो रही है। वहीं पीआरटीसी को अब तक इस हड़ताल के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। मंगलवार और बुधवार को पीआरटीसी के बेड़े में शामिल कुल 1100 बसों में से मात्र 300 बसें ही रूटों पर चलीं। हड़ताली मुलाजिमों में वर्कशाप स्टाफ, एडवांस टिकट बुकर के अलावा ज्यादा गिनती में ड्राइवर व कंडक्टर शामिल हैं।
बेनतीजा रही बैठक
यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि बैठक में कहा गया कि पंजाब सरकार जल्द ही कच्चे मुलाजिमों को पक्का करेगी इसके लिए सरकार की तरफ़ से एक एक्ट भी लाया जा रहा है। इसके बाद रोडवेज़ कर्मियों ने भी बैठक में कई दलीलें दी लेकिन सरकार ने उनकी एक भी नहीं सुनी। बैठक में कर्मियों से कहा गया कि अगर वह हड़ताल ख़त्म कर देंगे तो उसके बाद उनकी मुलाक़ात CM कैप्टन अमरिंदर सिंह से करा दी जाएगी। इस पर रोडवेज कर्मचारियों ने नाराज़गी ज़ाहिर की। वहीं उन्होंने हड़ताल जारी रखने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आज पंजाब के सभी बस स्टैंड दो घंटे के लिए बंद रखे जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री के सिसवां फार्म हाउस का घेराव शुक्रवार को किया जाएगा।
CM आवास के पास प्रदर्शन
कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िम नेता बलजीत सिंह गिल ने कहा कि 7 सितंबर को मुख्यमंत्री के आवास के पास प्रदर्शन करेंगे और सेशन के पहले दिन ही विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। अगर इसके बाद भी हम लोगों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरे पंजाब के कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िम सकार के मंत्रियों का घेराव करेंगे। इन सारी अव्यवस्था की पंजाब सरकार ख़ुद ज़िम्मेदार होगी। बलजीत सिंह गिल ने कहा कि पंजाब रोडवेज़, पनबस कॉन्टैक्ट वर्कर्स यूनियन से पंजाब सरकार की परिवहन मंत्री ने खुद वादा किया था कि उनकी तमाम मांगों को पूरा किया जाएगा।
रेगुलर कर्मचारियों की कमी
बलजीत सिंह गिल ने कहा कि यूनियन की मांग है कि कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िमों को तुरंत पक्का किया जाए। छोटे केसों में बर्खास्त किए गए मुलाजिमों को बहाल करने के साथ सरकारी बेड़े में दस हज़ार नई बसों को शामिल किया जाए। पिछले कई महीनों से कॉन्टैक्ट मुलाजिम लगातार गेट रैलियां कर रहे हैं और कई बार राज्य के बस स्टैंडों को भी बंद किया जा चुका है। मुलाजिमों के आंदोलन की वजह से यात्रियों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को सप्ताह का पहला दिन होने के चलते यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है। इसलिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । आपको बता दें कि राज्य में पनबस के पास 1090 बसें हैं, जिन्हें कांट्रैक्ट कर्मी ही चलाते हैं। पंजाब रोडवेज के पास 447 बसों के लिए नियमित नौकरी वाले ड्राइवर नहीं हैं। पीआरटीसी में 1100 बसें शामिल हैं। यहां भी रेगुलर कर्मचारियों की कमी है।
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